Saturday, Oct 01, 2022
-->
for-better-mental-health-use-color-therapy-prsgnt

मानसिक स्वास्थ्य के लिए अपनाएं कलर थैरेपी, हर रंग का अलग होता है प्रभाव

  • Updated on 4/30/2020

नई दिल्ली/टीम डिजिटल। लोग अक्सर घर पर रहते हुए तनाव में आ जाते हैं और नींद, आराम, सुकून को भूल जाते हैं। लोग कुछ पुराने प्रयोग अपनाते हैं, हालांकि कुछ लोग कुछ कुइक टिप्स भी अपना रहे हैं लेकिन इनका गहरा असर नहीं हो रहा है। ऐसे में बरसों पुरानी एक थैरेपी एक फिर चर्चा में आ गई है।

इस थैरेपी का नाम है कलर थैरेपी। जानकर बताते हैं कि इस थैरेपी में मानसिक और शारीरिक शांति, सुकून और आराम मिलता है। यह थेरेपी शारीरिक और भावनात्मक समस्याओं को भी ठीक करने में सक्षम है।

लॉक डाउन में बिगड़ती जा रही है सेहत तो फॉलो करें ये हेल्थ टिप्स और डाइट प्लान

क्या है कलर थैरेपी
चिकित्सीय भाषा में कहें तो इस कलर थैरेपी को क्रोमोपैथी, क्रोमोथेरेपी के नाम से भी जाना जाता है। इस थेरेपी में इंसान के शारीरिक और मनोवैज्ञानिक स्तर को बैलेंस किया जाता है। ये खास कर तनाव को दूर करने के लिए इस्तेमाल की जाती है।

इस थैरेपी से व्यक्ति को सुकून और शांति मिलती है। शरीर से थकान चली जाती है और शरीर में ऊर्जा के प्रवाह होता है।

मशहूर डाइटिशियन पूजा मखीजा से जानिए लॉकडाउन में कैसे करें इम्यूनिटी मजबूत, देखें ये Video

इन रंगों का किया जाता है इस्तेमाल
-इसमें हरे रंग का सबसे ज्यादा प्रयोग किया जाता है। ये रंग सभी रंगों में सबसे बैलेंस रंग माना जाता है। इससे ही इस थैरेपी की शुरुआत की जाती है। अगर कोई भी उदास, निराश या नीरस महसूस करता है तो उसकी मेंटल कंडीशन को सुधार देता है। यहां ये भी ध्यान देना होगा कि इसमें गहरे हरे का ही प्रयोग किया जाता है।

-लाल रंग का इस्तेमाल शारीरिक उपचार के लिए किया जाता है। क्योंकि ये भावनात्मक प्रभाव को बढ़ा देता है।ऐसा माना जाता है कि इस रंग से ब्लड सेल्स का भी निर्माण होता है। इसका मानसिक प्रयोग तब करते हैं जब मेंटल कंडीशन सीरियस हो।

लॉकडाउन में स्ट्रेस लेवल और विचलित मन को कैसे करें कंट्रोल, देखें ये Exclusive Video

- नीला एक शांत और ठंडा रंग है इसका प्रयोग आपको अधिक शांत और आराम करने के देने के लिए मदद करता है। नील रंग का इस्तेमाल तब किया जाता है जब पित्त और बुखार हो। इससे व्यक्ति को आराम मिलता है।

- बैंगनी रंग का इस्तेमाल करना ज्ञान को बढ़ाने का प्रयास करना है। बैंगनी रंग को दृढ़ता से सुंदरता, आध्यात्मिकता और आनंद के साथ जुड़ा हुआ माना जाता है। इस रंग का इस्तेमाल माथे और गर्दन पर किया जाता है, ताकि व्यक्ति शांत रहे और उसकी एकाग्रता बढ़ें।

 

Hindi News से जुड़े अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक पर ज्वॉइन करें, ट्विटर पर फॉलो करें।हर पल अपडेट रहने के लिए NT APP डाउनलोड करें। ANDROID लिंक और iOS लिंक।
comments

.
.
.
.
.