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for the first time in history hiv is cured automatically in human body prshnt

इतिहास में पहली बार इंसान के शरीर में अपने-आप ठीक हुआ HIV, जानें कारण

  • Updated on 9/1/2020

नई दिल्ली/ टीम डिजिटल। दुनिया में ऐसा पहली बार हुआ है जब किसी वायरस को शरीर ने खुद ही खत्म कर दिया हो। पहली बार एचआईवी (HIV) बिना किसी इलाज के ठीक हो गया। यह इंसानी शरीर के इम्यून सिस्टम यानी प्रतिरोधक क्षमता से पूरी तरह खत्म हुआ है। ऐसे में दुनिया भर के डॉक्टर और वैज्ञानिक हैरान हैं, क्योंकि एचआईवी एक लाइलाज है, जिसे भी ये होता है उसे जिंदगी भर दवाइयों के सहारे जीना पड़ता है। ऐसे में आज एचआईवी का अपने आप ठीक हो जाना हैरान करने वाली बात है।

बता दें कि इससे पहले दो बार ऐसा हुआ है कि लोगों के शरीर में बोनमैरो ट्रांसप्लांट करके शरीर में छवि वायरस को बेहद तेजी से कम किया गया हो और यह वायरस लौट कर नहीं आया। लेकिन ऐसा पहली बार हुआ है, जब इम्यून सिस्टम ने अपने आप एचआईवी से लड़ कर उसे खत्म कर दिया हो।

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शरीर के जेनेटिक के कारण खत्म हुआ वायरस
इस मामले के सामने आने के बाद डॉक्टरों ने शरीर में मौजूद 150 करोड़ कोशिकाओं की जांच की, जो मरीज ठीक हुआ था उसे EC2 नाम दिया गया था। इसे लेकर 26 अगस्त को साइंस मैगजीन नेचर ने एक रिपोर्ट जारी कर लिखा था, जिस मरीज के शरीर में एचआईवी के सक्रिय वायरस नहीं है, इसका मतलब यह हुआ कि एचआईवी से संक्रमित हुआ और खुद खुद ठीक हो गया।

इसके अलावा दूसरे आदमी की भी जांच की गई, जिसका नाम EC1 रखा गया था, इसके शरीर की 100 करोड़ कोशिकाओं की जांच की गई। जिसमें डॉक्टरों को सिर्फ एक सक्रिय वायरस मिला। लेकिन वह भी जेनेटिकली निष्क्रिय है यानी इन दोनों इंसानों के शरीर का जेनेटिक ऐसा है जिसकी वजह से यह दोनों एचआईवी की सक्रियता को खत्म कर देने में सक्षम रहे।

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एचआईवी के 99.50 फीसदी मरीज लेते हैं एंटीरेट्रोवायरल दवा
इस जांच के बाद वैज्ञानिकों ने इन दोनों को एलिट कंट्रोलर का नाम दिया है, जिसका मतलब होता है कि वह लोग जिनके शरीर में एचआईवी है, लेकिन पूरी तरह निष्क्रिय या फिर इतनी कम मात्रा में है जिसे किसी भी दवा के बगैर ठीक किया जा सकता है।

एचआईवी पर शोध करने वाले कैलिफोर्निया यूनिवर्सिटी में सत्य दांडेकर ने बताया कि कुछ महीनों या सालों की बात नहीं है। यह इम्यून सिस्टम बहुत ज्यादा समय में विकसित होने वाला दिख रहा है, उन्होंने कहा कि दुनिया के करीब 3.50 करोड़ लोग एचआईवी से संक्रमित है जिसमें से 99.50 फीसदी ऐसे मरीज है जिन्हें हर रोज एंटीरेट्रोवायरल दवा यानी एचआईवी की दवा लेनी ही पड़ती है। उन्होंने बताया कि बिना दवा किस बीमारी पर नियंत्रण लगभग असंभव है।

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64 एलीट कंट्रोलर के शरीर पर एचआईवी संक्रमण का किया गया अध्ययन
सत्य ने कहा कि साइंटिस्ट ने अभी तक किसी भी एलिट कंट्रोलर्स के इम्यून सिस्टम और एचआईवी के बीच होने वाले संघर्ष को रिकॉर्ड किया। उन्होंने बताया कि अभी सभी ने इंसानी शरीर शरीर की प्रतिरोधक प्रणाली के एचआईवी पर होने वाले पहले हमले पर ध्यान नहीं दिया है। इसलिए जब तक कोई एलीट कंट्रोलर घोषित किया जाता है। तब तक वह एचआईवी से निजात पा चुका होता है, इसके अलावा है कि दोनों इंसान के शरीर में कमजोर वायरस हो।

बता दें कि इस अध्ययन के दौरान साइंटिस्ट ने 64 एलीट कंट्रोलर के शरीर पर एचआईवी संक्रमण का अध्ययन किया जिसमें से 41 लोग ऐसे थे, जो एंटीरेट्रोवायरल्स दवा ले रहे थे। लेकिन मरीज EC2 ने कोई दवा नहीं ली और उसके शरीर से एचआईवी पूरी तरह समाप्त हो गया।

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