हिमाचल: आय से अधिक संपत्ति मामले में हाई कोर्ट की शरण में पहुंचे वीरभद्र

  • Updated on 1/23/2019

नई दिल्ली/टीम डिजिटल। हिमाचल प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह और उनकी पत्नी ने कथित तौर पर 10 करोड़ रुपये से अधिक की आय से अधिक संपत्ति (डीए) एकत्र करने के मामले में आरोप तय करने के निचली अदालत के आदेश को बुधवार को दिल्ली उच्च न्यायालय में चुनौती दी। 

कांग्रेस के 82 वर्षीय नेता और उनकी पत्नी ने निचली अदालत के 10 दिसंबर 2018 का आदेश रद्द करने का अनुरोध किया है। अदालत ने सिंह, उनकी पत्नी और सात अन्य लोगों के खिलाफ सीबीआई द्वारा दायर मामले में आरोप तय करने का निर्देश दिया गया था। निचली अदालत को अभी औपचारिक तौर पर दंपत्ति के खिलाफ आरोप तय करना है और मामला 29 जनवरी को सुनवाई के लिए सूचीबद्ध है। 

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अदालत ने दिसंबर के अपने आदेश में कहा था कि वह बेहिसाब राशि को सेब की बिक्री से मिली राशि के तौर पर पेश करके, कर प्राधिकारियों को नुकसान पहुंचाना चाहते थे। अदालत ने कथित तौर पर अपराध में बढ़ावा देने के मामले में उनकी पत्नी और सात अन्य लोगों के खिलाफ आरोप तय करने का भी आदेश दिया था। 

सीबीआई ने सप्रंग सरकार में केन्द्रीय मंत्री रहने के दौरान सिंह के आय के ज्ञात स्रोतों से करीब 10 करोड़ रुपये से अधिक संपत्ति कथित तौर संग्रह करने के मामले में सिंह और अन्य के खिलाफ मामला दायर किया था।

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