Saturday, Jul 31, 2021
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former rajasthan chief minister jagannath pahadia dies from corona prshnt

राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री जगन्नाथ पहाड़िया का कोरोना से निधन, CM गहलोत ने जताया दुख

  • Updated on 5/20/2021

नई दिल्ली/ टीम डिजिटल। देश में कोरोना का कहर लगातार जारी है, एक ओर जहां संक्रमण के मामले कम हो रहे हैं वहीं मौत के आंकड़े में कोई बदलाव नजर नहीं आ रहा। आम लोगों के साथ अब तक कई नेताओं की जान कोरोना ने ले ली। अब राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री एवं कांग्रेस के वरिष्ठ नेता जगन्नाथ पहाड़िया का भी कोरोना के कारण निधन हो गया है। पहाड़िया के निधन पर राजस्थान में गुरुवार को 1 दिन का राजकीय शोक रहेगा ऐसे में प्रदेश में गुरुवार को राष्ट्रीय ध्वज आधा झुका रहेगा।इसके अलावा सभी सरकारी कार्यालयों में अवकाश रहेगा, मंत्रिपरिषद की बैठक में पहाड़िया के निधन पर शोकाभिव्यक्ति होगी। 

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अशोक गहलोत ने जताया दुख
पूर्व मुख्यमंत्री पहाड़िया के निधन पर सीएम अशोक गहलोत और पूर्व डिप्टी सीएम सचिन पायलट समेत विभिन्न नेताओं ने दुख जताया है। सीएम गहलोत ने ट्वीट कर कहा, प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री जगन्नाथ पहाड़िया के निधन की खबर बेहद दुखद है, पहाड़िया ने मुख्यमंत्री, राज्यपाल और केंद्रीय मंत्री के रूप में लंबे समय तक देश की सेवा की। वह देश के वरिष्ठ नेताओं में से थे। ​पहाड़िया हमारे बीच से कोविड की वजह से चले गए.।उनके निधन से मुझे बेहद आघात पहुंचा है। प्रारंभ से ही उनका मेरे प्रति बहुत स्नेह था। उनके जाने से मुझे व्यक्तिगत क्षति हुई है। ईश्वर से प्रार्थना है कि शोकाकुल परिजनों को इस कठिन समय में संबल दें। दिवंगत आत्मा को शांति प्रदान करें।

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कोरोना के तीसरे लहर का खतरा
बता दें कि देश में कोरोना वायरस के संक्रमण में कमी तो आई है लेकिन मौत के आंकड़े अभी भी आसमान छू रहे हैं। ऐसे में इस महामारी को लेकर एक बड़ा दावा किया गया है। जिसने सरकार की नींद उड़ा दी है। कोविड-19 संक्रमण संबंधी अनुमान जताने के लिए गणित का इस्तेमाल करने वाले सूत्र मॉडल से जुड़े वैज्ञानिक एम विद्यासागर ने कहा कि यदि देश में टीकाकरण अभियान तेज नहीं किया गया और कोविड-19 से निपटने के लिए आवश्यक नियमों का पालन नहीं किया गया, तो आगामी छह से आठ महीने में कोविड की तीसरी लहर आने की आशंका है।

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विद्यासागर ने कहा ये
विद्यासागर ने इसके साथ ही कहा कि सूत्र मॉडल में किसी तीसरी लहर की संभावना नहीं जताई गई हैं और इस पर काम किया जा रहा है।आईआईटी हैदराबाद के प्रोफेसर विद्यासागर ने कहा, ‘‘यदि एंटीबॉडी समाप्त हो जाती है, तो प्रतिरोधी क्षमता कम होने की आशंका है। ऐसे में टीकाकरण बढ़ाया जाना चाहिए और कोविड-19 को फैलने से रोकने में मददगार नियमों का पालन किया जाना चाहिए। यदि ऐसा नहीं होता है, तो छह से आठ महीने में तीसरी लहर आने की आशंका है।

संक्रमण दर पहुंची इतनी
 केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने बुधवार को कहा कि देश भर में बीते 24 घंटों के दौरान 20 लाख से ज्यादा कोविड-19 जांच की गईं, जो एक वैश्विक रिकॉर्ड है तथा भारत में एक दिन में की गई जांच की सर्वाधिक संख्या। मंत्रालय के मुताबिक देश में संक्रमण दर घटकर 13.31 प्रतिशत पहुंच गई है।

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