Monday, Apr 23, 2018

किडनी पीड़ित का किया डेंगू का इलाज, फोर्टिस पर लगा 10 लाख मुआवजा

  • Updated on 1/12/2018

नई दिल्ली/टीम डिजिटल। निजी अस्पतालों द्वारा उपचार में लापरवाही के मामले थम नहीं रहे हैं। यही कारण है कि डॉक्टर को भगवान का दर्जा देने वाले लोग अब उन्हें व्यापारी समझकर उनके लिए अभद्र भाषा का प्रयोग करने लगे हैं। इस बीच 13 साल की बच्ची के इलाज में लापरवाही पर उपभोक्ता फोरम ने फोर्टिस अस्पताल को 10 लाख रुपये मुआवजा और अस्पताल पर 20 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। 

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यह पूरा मामला 2014 का है तब बच्ची की इलाज के दौरान मौत हो गई थी। इसके बात परिजन इस मामले में उपभोक्ता फोरम गए थे। अदालत ने उपचार में लापरवाही बरतने के मामले में यह फैसला सुनाया है। एडवोकेट विजय शर्मा उर्फ लाला के अनुसार शिकायतकर्ता ने दलील दी थी कि उनकी बेटी को किडनी संबंधित बीमारी के चलते अस्पताल में भर्ती कराया गया था परंतु अस्पताल ने डेंगू का उपचार करना शुरू कर दिया।

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बता दें कि गुरूवार को एशियन अस्पताल में भी इसी तरह का मामला देखने को मिला है। जहां महिला की मौत के बाद उसके परिजनों ने आरोप लगाया कि लाखों रुपए लेने के बावजूद एशियन अस्पताल ने उपचार में कोताही बरती और उनकी बेटी और उसके गर्भ में पल रहे बच्चे की मौत हो गई।

 

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