Friday, Sep 30, 2022
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free education healthcare not be considered free gift but fundamental right: kejriwal

निशुल्क शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा को मौलिक अधिकार माना जाए : केजरीवाल

  • Updated on 8/9/2022

नई दिल्ली/टीम डिजिटल। दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने मंगलवार को निशुल्क शिक्षा, विश्व-स्तरीय स्वास्थ्य सेवा और रोजगार को मौलिक अधिकार बनाए जाने की वकालत की और कहा कि ये सब मुफ्त उपहार नहीं बल्कि एक जिम्मेदार सरकार का कर्तव्य है। दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने भारत की स्वतंत्रता की 75वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में राष्ट्रीय राजधानी में मंगलवार को 500वां विशाल तिरंगा फहराया। इस मौके पर उन्होंने कहा कि भारत के बाद स्वतंत्रता प्राप्त करने वाले कई देशों ने ‘‘हमें पीछे छोड़ दिया है।’’ इस मौके पर उन्होंने कहा कि सभी लोगों को भारत को विश्व का नंबर एक देश बनाने का संकल्प करना चाहिए। केजरीवाल सरकार ने राष्ट्रीय राजधानी में 500 विशाल तिरंगे लगाने का वादा किया था।  आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक ने कहा कि ‘परिवारवाद’ और ‘दोस्तवाद’ को समाप्त करने की जरूरत है।

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केजरीवाल ने कांग्रेस और भाजपा पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि एक दल ने अपने परिवार के सदस्यों पर जनता का पैसा खर्च करके सत्ता का दुरुपयोग किया जबकि एक अन्य दल ने अपने ‘‘दोस्तों’’ के लिए ऐसा किया।      उन्होंने कहा, ‘‘जनता के पैसे को दोस्तों और परिवार पर खर्च नहीं किया जाना चाहिए। जनता का पैसा रोजगार पैदा करने, मुफ्त शिक्षा और स्वास्थ्य सेवा देने के लिए है।’’  मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘75वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर हम सभी को भारत को दुनिया में अव्वल देश बनाने का संकल्प लेना चाहिए। हमें एक ऐसी व्यवस्था विकसित करने का संकल्प लेना है, जहां निशुल्क उत्कृष्ट शिक्षा, विश्वस्तरीय स्वास्थ्य सेवा और शत-प्रतिशत रोजगार नागरिकों के मौलिक अधिकार बन जाएं।’’   

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    उन्होंने कहा, ‘‘हमारे पास सबकुछ है। हमारे पास दुनिया में सबसे बुद्धिमान एवं सबसे मेहनती लोग हैं लेकिन हम पिछड़ गए हैं।’’ सरकार की कल्याणकारी योजना को ‘‘मुफ्तखोरी’’ कहने वालों की एक बार फिर निंदा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि बेहतर शिक्षा, स्वास्थ्य देखभाल तथा रोजगार को मौलिक अधिकार माना जाना चाहिए और इसे मुफ्तखोरी नहीं कहा जाना चाहिए।   

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    मुख्यमंत्री ने देश के हर नागरिक को बेहतर स्वास्थ्य सेवा मुहैया कराने और युवाओं को रोजगार देने पर जोर देते हुए कहा कि जब तक बुनियादी जरूरतें पूरी नहीं होंगी, तब तक देश आगे नहीं बढ़ सकता। उन्होंने कहा, ‘‘लेकिन, मुझे इस बात पर अफसोस होता है कि लोग इस विचार की यह कहते हुए निंदा करते हैं कि निशुल्क शिक्षा को रोका जाना चाहिए। मैं कहना चाहता हूं कि निशुल्क शिक्षा और स्वास्थ्य सेवा उपलब्ध कराना, मुफ्त उपहार नहीं है। यह एक जिम्मेदार सरकार की जिम्मेदारी है।’’   

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  केजरीवाल ने मयूर विहार में आयोजित ध्वजारोहण समारोह में अपने संबोधन की शुरुआत ‘‘भारत माता की जय’’, ‘‘इंकलाब जिंदाबाद’’ और ‘‘वंदे मातरम’’ के नारों से की। उन्होंने कहा, ‘‘एक साल पहले, हमने दिल्ली में कई सारे तिरंगे लगाने का फैसला किया था ताकि दिल्लीवासी कहीं भी जाएं तो कम से कम उन्हें उनके आसपास एक तिरंगा दिखे। हम यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि लोग दिन में तीन से चार बार तिरंगा देखें।’’ उन्होंने कहा कि उनकी सरकार ने राष्ट्रीय राजधानी में अब 500 राष्ट्रीय ध्वज लगा दिए हैं। दिल्ली के उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने इस मौके पर दिल्ली में 500 राष्ट्रीय ध्वज लगाने के सपने को साकार करने वाले इंजीनियर और ठेकेदारों का शुक्रिया अदा किया।      

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