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सबसे बड़े मुस्लिम देश की करेंसी पर आखिर क्यों है भगवान गणेश की तस्वीर?

  • Updated on 8/22/2020

नई दिल्ली/टीम डिजिटल। देशभर में आज गणेश चतुर्थी का पर्व जोरों-शोरों से मनाया जा रहा है। लोग अपने घरों में गणपति को स्थापित कर रहे हैं। सिर्फ भारत में ही नहीं बल्कि भगवान गणेश दुनिया में कई देशों में पूजे जाते हैं, लोग उन्हें सिर्फ ईश्वर का प्रतीक नहीं बल्कि सौहाद्र, खुशियां और सम्पन्नता का प्रतिक मान कर पूजते हैं। 

लेकिन क्या आप जानते हैं कि दुनिया में एक ऐसा मुस्लिम देश भी है जो गणेश भगवान को न सिर्फ मानता है बल्कि इस देश की करेंसी पर भी गणेश भगवान विराजमान हैं। 

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मुस्लिम देश की करेंसी पर गणेश
हम बात कर रहे हैं इंडोनेशिया की, जो दुनिया का सबसे ज्यादा मुस्लिम आबादी वाला देश है लेकिन यहां के नोटों पर भगवान गणेश की तस्वीर देखने को मिलती है। ये किसी आश्चर्य से कम नहीं है कि किसी मुस्लिम देश की करेंसी पर हिंदू धर्म में भगवान का रूप माने जाने वाले गणपति का चित्र हो।

क्या है कारण 
भारत और इंडोनेशिया में संस्कृति के हिसाब से काफी समानताएं देखने को मिलती हैं। यहां कई हिंदू देवी-देवताओं की पूजा की जाती है। इतना ही नहीं, लोग सिर्फ देवी-देवताओं को मानते ही नहीं हैं बल्कि उनसे जुड़े त्योहार भी मनाते हैं। 

यहां की करेंसी पर भगवान गणेश की तस्वीर होने के पीछे कारण लोगों के विश्वास से जुड़ा हुआ है। दरअसल, लोग मानते हैं कि गणेश भगवान कलाए बुद्धि, संपन्नता और वैभव के प्रतीक हैं। यही कारण है कि गणेश की तस्वीर नोटों पर लगाई गई है। 

आर्थिक संकट में सुधार 
बताया जाता है कि कुछ साल पहले इंडोनेशिया में आर्थिक संकट आया था जिसके बाद अर्थशास्त्रियों ने सोच-विचार कर बीस हजार रूपये का नया नोट जारी किया था, जिसपर भगवान गणेश की तस्वीर छापी गई थी। लेकिन 1998 में जारी की गई इस करेंसी में बाद में बदलाव किया गया और इस पर से गणेश की तस्वीर हटा ली गई।

हिंदुओं की आबादी  बेहद
बताते चले कि इंडोनेशिया में लगभग ज्यादातर जगहों पर भगवान विष्णु और शिव के मंदिर देखे जा सकते हैं। इतना ही नहीं, यहां शहरों में संस्कृत में लिखे हुए शब्द, रामायण और महाभारत से जुड़े चित्र और शब्दावली देखने को मिल जाएंगे। जबकि हैरानी है कि इंडोनेशिया में हिंदुओं की आबादी 2% से भी कम है।

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