Wednesday, Dec 07, 2022
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ganesh worship starts at idgah ground in hubli, hc''''s order challenged in supreme court

हुबली के ईदगाह मैदान में गणेश पूजा शुरू, HC के आदेश को दी सुप्रीम कोर्ट में चुनौती

  • Updated on 8/31/2022

नई दिल्ली/ टीम डिजिटल। कर्नाटक के हुबली ईदगाह मैदान में गणेश चतुर्थी समारोह की अनुमति देने वाले हाईकोर्ट के आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई है। अंजुमन इस्लाम ने हुबली के ईदगाह मैदान में उत्सव की अनुमति देने वाले कर्नाटक हाईकोर्ट के आदेशों पर सवाल उठाते हुए सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है।

इससे पहले मंगलवार को कर्नाटक हाईकोर्ट ने हुबली- धारवाड़ में ईदगाह मैदान में गणेश चतुर्थी के उत्सव की अनुमति देने के अधिकारियों के फैसले को बरकरार रखा है। हाई कोर्ट के फैसले के बाद बुधवार सुबह ग्राउंड में गणपति की मूर्ति स्थापित की गई। हाईकोर्ट ने मंगलवार की देर रात हुई सुनवाई में ईदगाह मैदान में गणेश चतुर्थी मनाने की अनुमति देने के अधिकारियों के फैसले को बरकरार रखा था।

शीर्ष अदालत ने मंगलवार को ईदगाह मैदान में गणेश चतुर्थी समारोह की अनुमति देने से इनकार कर दिया था और दोनों पक्षों को भूमि पर यथास्थिति बनाए रखने का आदेश दिया। न्यायमूर्ति इंदिरा बनर्जी की अध्यक्षता वाली तीन न्यायाधीशों की पीठ ने सभी पक्षकारों से विवाद के समाधान के लिए कर्नाटक उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाने को कहा था। 

यह मैदान फिलहाल राज्य के राजस्व विभाग के नियंत्रण में है।इस बीच चामराजपेट नागरीकारा ओक्कूटा वेदिके नामक संगठन ने कहा कि वह अदालत के आदेश का पालन करेगा, लेकिन साथ ही स्वामित्व के मुद्दे पर कानूनी लड़ाई लड़ेगा। यह संगठन मंगलवार को वहां उत्सव का आयोजन करना चाहता था। चामराजपेट नागरीकारा ओक्कूटा वेदिके के रामेगौड़ा ने कहा, ‘उच्चतम न्यायालय के आदेश के बाद ईदगाह मैदान में गणेश की मूर्ति स्थापित करने का कोई सवाल ही नहीं है, सरकार भी इसकी अनुमति नहीं देगी। सभी को अदालत के आदेश का पालन करना होगा।’

हालांकि कर्नाटक राज्य औकफ बोर्ड के अध्यक्ष मौलाना शाफी सादी ने नई दिल्ली में कहा कि उच्चतम न्यायालय का आदेश स्वागतयोग्य है क्योंकि यह चामराजपेट ईदगाह मैदान मुद्दे के कारण हिदू- मुस्लिम एकता बिगड़ने नहीं देता। रामेगौड़ा ने बेंगलुरु में कहा कि लोगों को इस बार ईदगाह मैदान में त्योहार मनाने की उम्मीद थी, लेकिन अब स्वाभाविक रूप से लोग ‘निराश’ हैं।

 

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