Wednesday, Feb 19, 2020
gauhar khan and madhur bhandarkar made request to indian govt for  jammu kashmir

आर्ट‍िकल 370: मधुर भंडारकर और गौहर खान ने कश्मीरियों को लेकर जताई चिंता

  • Updated on 8/8/2019

नई दिल्ली/टीम डिजिटल। जम्मू- कश्मीर (jammu kashmir) का अलग संविधान इतिहास के कूड़ेदान में फेंक दिया गया है। इसके साथ ही जम्मू कश्मीर में दोहरी नागरिकता खत्म हो गई है। जी हां, कैबिनेट की बैठक में मोदी सरकार (modi government) ने सीधे धारा 370 (Article 370) पर ही हमला बोल दिया। इसके बाद पूरी कानूनी और संवैधानिक प्रक्रिया का पालन करते हुए धारा 370 के एक प्रावधान को छोड़कर बाकी सब को हटा दिया गया। इससे भा एक कदम आगे बढ़ते हुए केंद्र ने जम्मू-कश्मीर को दिल्ली की ही तरह केंद्र शासित प्रदेश बना दिया है जिसमें विधानसभा तो होगी लेकिन उसके मुख्यमंत्री की दिल्ली के मुख्यमंत्री की तरह शक्तियां सीमित होंगी।

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सरकार के इस फैसले से जहां पूरे देशवासी खुश हैं वहीं कुछ दुखी। हाल ही में बॉलीवुड के दो सितारे =(gauhar khan) और  मधुर भंडारकर (madhur bhandarkar) ने इस मामले पर चिंता व्यक्त की है।

गौहर खान ने ट्वीट कर लिखा है कि कि वह पूरे FORMER राज्य की संचार सुविधाओं को वापस लाने के लिए भारत सरकार से अनुरोध करती हैं। वहां परिवारों की भलाई का पता लगाने के लिए एक- दूसरे के साथ बातचीत करने की जरूरत है! 

उन्होंने एक और ट्वीट कर लिखा है- हां, कश्मीर का इस्तेमाल इन लॉकडाउन पर रोक लगाने के लिए किया जाता है लेकिन ऐसा क्यों ??? निश्चित रूप से वे मनुष्यों को मानते हैं, और अब अगर उनके पास कोई विशेष स्थिति नहीं है, तो वे अभी भी नागरिक हैं, या क्या उनके पास मूल बातें करने का कोई अधिकार नहीं है।

वहीं गौहार ने एक और ट्वीट कर लिखा है- सब जितना चाहे खुश हो जाएं, कोई दिक्कत नहीं है पर लेकिन वहां के लोगों को जिंदगी जीने दें ।

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उनके इस ट्वीट को लेकर उन्हें ट्रोल भी किया जा रहा है। एक यूजर ने लिखा- देश चलाना है बिग बॉस नहीं। वहीं एक दूसरे यूजर ने लिखा- अपने काम से काम रखे, राजनीति में मत घुसे। 

फिल्म निर्देशक, स्क्रि‍प्ट राइटर और प्रोड्यूसर मधुर भंडारकर ने ट्वीट कर कहा है कि सोशल मीडिया पर हर व्यक्ति से जिम्मेदार होने के लिए मेरा विनम्र अनुरोध है। Pls # अनुच्छेद 370 को छीने जाने के संबंध में किसी को न चिढ़ाएं और न ही मजाक बनाएं। यह #JammuKashmir और #Ladakh के लोगों के साथ सहानुभूति दिखाने का समय है। हम एक हैं। जयहिन्द 

मोबाइल-इंटरनेट की सेवा हुई बंद 
बता दें कि रविवार की रात से घाटी में के कई हिस्सों में मोबाइल और इंटरनेट की सेवा पूरी तरह से बंद कर दी गई और पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती और उमर अब्दुल्ला को नजरबंद कर दिया गया है। क्योंकि सरकार का मानना है शायद आतंकी किसी घटना को अंजाम दे सकें, इसलिए सरकार ने यह कदम केवल सुरक्षा की दृष्टि से उठाया है। उधर जम्मू में सरकारी दफ्तर और स्कूल में भी सुरक्षा बढ़ा दी गई है। स्कूल और कालेज में होनी वाली परीक्षाओं की तारीख को आगे के लिए बढ़ा दिया गया है।

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क्या था अनुच्छेद 35A
अनुच्छेद 35A संविधान में शामिल प्रावधान था जो जम्मू- और कश्मीर विधान- मंडल को यह अधिकार प्रदान करता है कि वह यह तय करे कि जम्मू और कश्मीर का स्थायी निवासी कौन है और किसे सार्वजनिक क्षेत्र की नौकरियों में विशेष आरक्षण दिया जायेगा, किसे संपत्ति खरीदने का अधिकार होगा, किसे जम्मू और कश्मीर विधानसभा चुनाव में वोट डालने का अधिकार होगा, छात्रवृत्ति तथा अन्य सार्वजनिक सहायता और किसे सामाजिक कल्याण कार्यक्रमों का लाभ मिलेगा। अनुच्छेद 35A में यह प्रावधान था कि यदि राज्य सरकार किसी कानून को अपने हिसाब से बदलती है तो उसे किसी भी कोर्ट में चुनौती नहीं दी जा सकती है। 

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