गौतम गंभीर ने क्रिकेट के सभी फॉर्मेट से लिया संन्यास, हुए जज्बाती

  • Updated on 12/4/2018

नई दिल्ली/टीम डिजिटल। भारत के सबसे सफल सलामी बल्लेबाजों में से एक गौतम गंभीर ने मंगलवार को क्रिकेट के सभी प्रारूपों से संन्यास लेने की घोषणा की। दिल्ली और आंध्र के बीच छह दिसंबर से फिरोजशाह कोटला में होने वाला रणजी ट्राफी मैच उनके लगभग दो दशक तक चले चमकदार करियर का अंतिम मैच होगा। क्रिकेट के तीनों प्रारूपों में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर 10,000 से अधिक रन बनाने वाले इस 37 वर्षीय बल्लेबाज ने सोशल मीडिया पर पोस्ट किये गये वीडियो में खेल के सभी प्रारूपों को अलविदा कहने की घोषणा की। 

गंभीर ने कहा, 'अपने देश के लिए 15 साल से भी अधिक समय तक क्रिकेट खेलने के बाद मैं इस खूबसूरत खेल को अलविदा कहना चाहता हूं।' उन्होंने कहा, 'आंध्र के खिलाफ अगला रणजी ट्राफी मैच मेरा आखिरी मैच होगा। मेरे क्रिकेट सफर का अंत उसी फिरोजशाह कोटला मैदान पर होगा जहां से इसकी शुरूआत हुई थी।' बायें हाथ के इस बल्लेबाज को कभी हार नहीं मानने के अपने जज्बे के लिये जाना जाता था। उन्होंने 2007 में विश्व टी20 और 2011 में विश्व कप में भारत की खिताबी जीत में अहम भूमिका निभायी थी। उनकी अगुवाई में कोलकाता नाइटराइडर्स ने दो बार आईपीएल खिताब जीते। 

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गंभीर ने संन्यास की घोषणा के साथ ही इच्छा जतायी कि वह अगले जन्म में भी क्रिकेटर बनकर भारत की तरफ से यह खेल खेलना चाहेंगे। उन्होंने कहा, 'तमाम दर्द और पीड़ाओं, भय और असफलताओं के बावजूद मुझे अपनी अगली जिंदगी में भी इन्हें दोहराने का कोई गम नहीं होगा। लेकिन निश्चित तौर पर भारत के लिये कुछ जीत, कुछ और अधिक शतक और संभवत: अगली जिंदगी में पारी में पांच विकेट लेने के कुछ कारनामे भी करना चाहूंगा।'

गंभीर ने कहा, 'यह थोड़ा महत्वकांक्षी लगता है लेकिन मैंने देखा है कि इच्छाएं सच होती है। दो विश्व कप, दोनों के फाइनल में सर्वोच्च स्कोर भी सपने थे और मैंने केवल आपके लिये विश्व कप जीतने का सपना देखा था। मुझे लगता है कि कोई था जो मेरी पटकथा लिख रहा था लेकिन अब उसकी स्याही खत्म हो गयी है।' उन्होंने कहा, 'लेकिन इस बीच उसने कुछ आकर्षक अध्याय लिखे। इनमें दुनिया की नंबर टेस्ट टीम का हिस्सा बनना सबसे अहम है। मैं जिस ट्राफी को बड़े प्यार से निहारता हूं वह 2009 में आईसीसी के वर्ष के टेस्ट बल्लेबाज के लिये मिली ट्राफी है।'

गंभीर ने 58 टेस्ट मैचों में 41.96 की औसत से 4154 रन बनाये जिसमें नौ शतकीय पारी शामिल है। उन्होंने 147 एकदिवसीय मैचों में 39.68 की औसत और 11 शतकीय पारियों की मदद से 5238 रन बनाये। गंभीर से टी20 अंतरराष्ट्रीय मैचों में भी अपनी छाप छोड़ी। उन्होंने 37 मैच में सात अर्धशतक की मदद से 932 रन बनाये जिसमें उनका औसत 27.41 का था। गंभीर ने दिल्ली के अपने साथी वीरेंद्र सहवाग के साथ सफल सलामी जोड़ी बनायी। इन दोनों ने सलामी जोड़ी के रूप में 4412 रन जोड़े जो कि भारतीय रिकार्ड है। 

गंभीर ने न्यूजीलैंड में श्रृंखला में जीत और आस्ट्रेलिया में सीबी सीरीज जीतने को अपने करियर की महत्वपूर्ण उपलब्धियां बतायी। उन्होंने कहा, 'लेकिन मुझे उम्मीद है कि आस्ट्रेलियाई दौरे पर गयी वर्तमान भारतीय टीम हमारी उपलब्धियों को पीछे छोडऩे में सफल रहेगी।' गंभीर ने अपने संदेश में भारतीय टीम, आईपीएल की टीमों केकेआर और दिल्ली डेयरडेविल्स तथा दिल्ली रणजी टीम के अपने साथियों के साथ साथ अपने प्रशिक्षकों विशेषकर बचपन के अपने कोच संजय भारद्वाज, पार्थसारथी शर्मा और आस्ट्रेलिया के पूर्व बल्लेबाज जस्टिन लैंगर का भी आभार व्यक्त किया। 
 

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