Wednesday, Dec 08, 2021
-->
gayaji-to-go-to-pinddaan-to-forum-unclaimed-bones-left-by-his-loved-ones

अपनों ने छोडा अस्थियों को लावारिस, फोरम करेगी गयाजी जाकर पिंडदान

  • Updated on 9/23/2021

नई दिल्ली।अनामिका सिंह। कोरोना की दूसरी लहर ने सभी को जहां जीवन-मृत्यु के बीच का अंतर बता दिया, वहीं कुछ लोगों ने इस सबक को सीखने की बजाय अपनों से ही मुंह फेर लिया। यही वजह है कि आज भी राजधानी के कई शमशान घाटों में अंतिम संस्कार के बाद तर्पण के लिए कोरोना मृतकों की अस्थियां परिजनों के इंतजार में लटकी हुईं हैं। ऐसे में साउथ एशियन फोरम फाॅर पीपुल अगेंस्ट टेरर नामक संस्था जोकि दिल्ली में हुए बम ब्लास्ट में मारे गए लोगों के परिजनों के लिए काम करती है उसने अब इन कोरोना मृतकों की मुक्ति का जिम्मा उठाया है।
इस बावली के पानी से जल उठे थे चिराग

पितृपक्ष पर मिलेगी कोरोना मृतकों को मुक्ति, पुलवामा शहीदों का भी होगा पिंडदान
फोरम के अध्यक्ष अशोक रंधावा ने बताया कि कोराना की दूसरी लहर व उससे पहले भी कई लोग ऐसे थे जो अपने परिजनों की अस्थियां लेने के लिए शमशान घाट नहीं पहुंचे। ऐसे में हमने उन पवित्र आत्माओं के तर्पण का फैसला किया है। जिसके लिए हम सभी अस्थि कलशों को एकत्र कर गयाजी लेकर जाएंगे और वहां विधि-विधान से उनकी अस्थियों का तर्पण किया जाएगा व पिंडदान भी होगा। उन्होंने कहा कि पितृपक्ष चल रहा है और देवभूमि भारत में गोलोकगामी हुए सभी लोग हमारे पितृ हैं ऐसे में उनकी आत्मा की शांति पूर्ण रूप से उसी प्रकार होनी चाहिए जैसा हमारे शास्त्रों में लिखा गया है। इसके अलावा वहां जाकर हम देश की सीमाओं पर जवान हुए शहीदों के नाम से भी तर्पण करेंगे, खासकर पुलवामा विस्फोट में शहीद हुए जवानों के नाम से तर्पण व पिंडदान किया जाएगा। 
सतीश उपाध्याय ने दी हाइफा के वीर जवानों को श्रद्धांजलि

अपनों की मुक्ति के लिए हेल्पलाइन नंबर पर भी कर सकते हैं संपर्क
रंधावा ने कहा कि जो लोग बिहार नहीं जा सकते वो हमें फोन पर संपर्क 25 सितंबर तक कर सकते हैं हम उनके परिजनों का तर्पण भी गयाजी में करवा देंगे। इसके लिए उन्हें मृतक का नाम, गोत्र, मृत्यु की तारीख व स्थान लिखकर हमें देना होगा। इसके लिए हमने हेल्पलाइन नंबर 9810325718 जारी किया है। उन्होंने कहा कि इससे पहले भी उनके फोरम द्वारा साल 2005 से 2011 तक बम ब्लास्ट में मारे गए लोगों का बिहार के गयाजी में तर्पण वो कर चुके हैं।
विशाखा ने लिया नई दिल्ली इलाके का जायजा

करीब 150 अस्थियां कर चुके हैं एकत्र
रंधावा ने बताया कि वो तकरीबन आधा दर्जन शमशान घाटों का दौरा कर चुके हैं। इस दौरान करीब 150 ऐसे लोगों की अस्थि कलश उन्हें मिल चुके हैं जिनके परिजन उन्हें लेने नहीं आएं हैं। ऐसे लोगों की अस्थियों को लेकर वो 25 सितंबर को एकत्र कर गयाजी के लिए निकल जाएंगे। विष्णुपद घाट पर 26 सितंबर को सभी का पिंडदान किया जाएगा ताकि उन्हें मुक्ति मिल सके।
 

Hindi News से जुड़े अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक पर ज्वॉइन करें, ट्विटर पर फॉलो करें।हर पल अपडेट रहने के लिए NT APP डाउनलोड करें। ANDROID लिंक और iOS लिंक।
comments

.
.
.
.
.