Sunday, Jan 23, 2022
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gdp growth exceeds pre- covid level musrnt

GDP वृद्धि दर कोविड- पूर्व स्तर से पार, दूसरी तिमाही में 8.4 फीसद की वृद्धि

  • Updated on 12/1/2021

नई दिल्ली/टीम डिजिटल। देश की आर्थिक वृद्धि दर चालू वित्त वर्ष 2021-22 की दूसरी तिमाही में 8.4 प्रतिशत रही। इसके साथ ही वृद्धि दर कोविड- पूर्व स्तर को पार कर गई है। उम्मीद से बेहतर वृद्धि दर के साथ भारतीय अर्थव्यवस्था इस साल प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में सबसे तेज वृद्धि हासिल करने के रास्ते पर है। मंगलवार को जारी आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार जुलाई- सितम्बर तिमाही में आर्थिक वृद्धि दर पहली तिमाही की 20.1 प्रतिशत वृद्धि दर की तुलना में धीमी पड़ी है।

हालांकि, यह पिछले साल की समान अवधि में दर्ज 7.4 प्रतिशत की गिरावट के मुकाबले बेहतर ही है। सख्त लॉकडाउन से बुरी तरह प्रभावित अप्रैल-जून 2020 में आर्थिक वृद्धि दर में 24.4 प्रतिशत की बड़ी गिरावट आई थी। यही कारण है कि निम्न तुलनात्मक आधार होने से चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में जोरदार वृद्धि दर्ज की गई थी। इस साल अप्रैल के मध्य में महामारी की दूसरी लहर के बाद से आर्थिक गतिविधियों के पटरी पर लौटने के साथ यह लगातार चौथी तिमाही है जब वृद्धि दर सकारात्मक रही है।

पिछले वित्त वर्ष की पहली दो तिमाहियों में आर्थिक वृद्धि दर नकारात्मक रही थी। महामारी के प्रभाव कम होने तथा टीकाकरण में तेजी के बीच वित्त वर्ष 2021-22 की दूसरी तिमाही का जीडीपी का आंकड़ा निजी खपत व्यय में बेहतर सुधार को बताता है। सरकारी व्यय में दूसरी तिमाही में पिछले साल की सामान तिमाही में 8.7 प्रतिशत की वृद्धि तथा कम ब्याज दर से खपत को गति मिली है। सकल मूल्य वर्धन (जीवीए) की दर 8.5 प्रतिशत रही और आंकड़ों से तमाम क्षेत्रों में व्यापक विस्तार के संकेत मिलते हैं। 

35,73,451 करोड़ रुपए रही जीडीपी

निरपेक्ष रूप से जीडीपी जुलाई-सितम्बर तिमाही में 35,73,451 करोड़ रुपए रही। यह वित्त वर्ष 2019-20 की इसी तिमाही के 35,61,530 करोड़ रुपए के आकार के मुकाबले अधिक है। जीडीपी पिछले साल जुलाई- सितम्बर तिमाही में महामारी की वजह से लगी पाबंदियों के दौरान घटकर 32,96,718 करोड़ रुपए पर आ गई थी।

कृषि क्षेत्र में 4.5 प्रतिशत की वृद्धि 
कृषि क्षेत्र में लगातर दूसरी तिमाही में 4.5 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। विनिर्माण क्षेत्र की वृद्धि दर 5.5 प्रतिशत रही। यह घरेलू मांग और निर्यात में तेजी को बताता है। आर्थिक गतिविधियों में तेजी के साथ निर्माण, व्यापार, होटल, परिवहन और वित्तीय सेवा क्षेत्रों में 7-8 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। सरकारी सेवाओं में 17.4 प्रतिशत की मजबूत वृद्धि हुई। इसमें लोक प्रशासन और रक्षा भी शामिल हैं।

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