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कोरोना के साए में रामलीला का मंचन, लवकुश कमेटी ने पीछे खींचे हाथ

  • Updated on 10/10/2020

नई दिल्ली/ अनामिका सिंह। रामकथा कहना और सुनना भारतीय भूमि पर ही नहीं बल्कि अन्य देशों जैसे सुमात्रा, माली, मलेशिया, नेपाल व श्रीलंका में सर्वश्रेष्ठ माना जाता है। मर्यादा पुरूषोत्तम भगवान श्रीराम की कथा पिछले एक दशक से राजधानी में ग्लैमर्स और हाईटेक रूप लेती जा रही है। यही वजह है कि दिल्ली (Delhi) की लवकुश रामलीला को देखने के लिए देश के कोने-कोने से लाखों लोग हर साल आते हैं लेकिन सरकार की ओर से कोरोना वायरस (Coronavirus) को लेकर अभी तक कोई भी गाइडलाइंस जारी नहीं हुआ है, जिसके चलते इस बार हाईटेक व ग्लैमर्स रामकथा से रामभक्त अछूते रह जाएंगे।

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39 साल पहले हुआ रामलीला का मंचन प्रारंभ
बता दें कि करीब 39 साल पहले लवकुश रामलीला कमेटी द्वारा रामलीला का मंचन प्रारंभ किया गया था। इसको पॉपुलर करने के लिए दूरदर्शन पर प्रसारित रामानंद सागर कृत रामायण के पात्रों को बुलाया गया। जिससे धीरे-धीरे भीड़ बढ़ने लगी। लेकिन इसके प्रति रूझान पैदा करने का और बॉलीवुड से कनेक्ट करने का प्रथम प्रयास एचकेएल भगत ने किया।

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हेमामालिनी के नाम से जूटी थी भीड़
उन्होंने हेमामालिनी को बुलाया था, यह खबर आग की तरह फैली और इतनी भीड़ उमड़ी की उसके बाद लवकुश रामलीला कमेटी दिल्ली ही नहीं बल्कि देश की सबसे चर्चित रामलीलाओं में शुमार हो गई। जिसके लिए सालभर तैयारियां कलाकारों द्वारा की जाती है, हर साल तकरीबन 1 हजार कलाकार देश के विभिन्न कोनों से भाग लेने यहां आते हैं और लवकुश रामलीला आयोजकों द्वारा रामलीला से तीन माह पहले इनकी प्रेक्टिस की सभी तैयारियां की जाती हैं।

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यही नहीं तारतम्यता बैठाने के साथ ही कलाकारों के करीब 500 ड्रेस, हथियार, कैमरा, सिक्योरिटी सहित चांदनी चौक के चाट-पकौड़ों का इंतजाम आयोजकों द्वारा किया जाता है। बकायदा कई मंच, क्रेन से उडने वाले दृश्यों के साथ ही हर साल बॉलीवुड के कई अभिनेता व अभिनेत्रियों के साथ ही डॉ‐ हर्षवर्धन, मनोज तिवारी व रविकिशन सहित कई सांसद इस मंच पर अभिनय कर चुकें हैं। लेकिन इस साल कोरोना के चलते सरकार की ओर से स्पष्ट स्थितियां ना होने से लवकुश रामलीला कमेटी ने इसका आयोजन रद्द करने का फैसला लिया है।

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यूट्यूब के माध्यम से कर सकते हैं प्रसारित
लवकुश रामलीला कमेटी के अध्यक्ष अशोक अग्रवाल ने कहा कि अब समय इतना कम रह गया है कि इतने बड़े स्तर पर आयोजन करना बहुत मुश्किल है। इसलिए हमने रामलीला के आयोजन को इस साल नहीं करने का फैसला लिया है। हालांकि बात यदि ऑनलाइन रामलीला मंचन की है तो हम पिछले पांच साल की पुरानी रामलीलाओं का मंचन यूट्यूब के माध्यम से प्रसारित कर सकते हैं।

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बैकअप प्लान तैयार है: नवयुवक रामलीला कमेटी 
श्री नवयुवक रामलीला कमेटी कश्मीरी गेट के महामंत्री व पूर्व महापौर जत्थेदार अवतार सिंह ने कहा कि हमारा बैकअप प्लान तैयार है। हमने धर्मशाला बुक की है जिसमें बहुत बडा हॉल है और 200 लोगाों के बैठने की कैपिसिटी है। उसमें संगीतमय रामायण का पाठ होगा, जिसे लाइव किया जाएगा। लेकिन अभी भी हमारी कोशिश है कि रामलीला हो क्योंकि हमने सबकुछ पहले ही बुक कर दिया है।

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औपचारिक होगा रामलीला का मंचन: आईपी एक्सटेंशन रामलीला
श्रीरामलीला कमेटी इंद्रप्रस्थ आईपी एक्सटेंशन रामलीला के अध्यक्ष सुरेश बिंदाल ने कहा कि जब धार्मिक कार्यक्रमों के लिए 100 लोगों की गाइडलाइंस जारी है तो रामलीलाओं का मंचन क्यों रोका जा रहा है। हमने डीडीए से पहले ही मैदान बुक करवा लिया था लेकिन व्यवस्थाएं अब नहीें हो पाएंगी। हमने धर्मशाला बुक करवा ली है जहां औपचारिक रामलीला का मंचन होगा, सिर्फ 50 लोगों में। साथ ही ऑनलाइन प्रसारण पहले की तरह किया जाएगा।

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