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Nepal में दिखा बेहद दुर्लभ Golden कछुआ, लोगों ने भगवान विष्णु का अवतार बता कर शुरू की पूजा

  • Updated on 8/21/2020

नई दिल्ली/टीम डिजिटल। नेपाल (Nepal) में एक गोल्डन कलर अनोखा कछुआ पाया गया है, जिसे नेपाल के लोग भगवान विष्णु का अवतार मान कर पूज रहे हैं। नेपाल के लोगों की आस्था के कारण इस दुर्लभ जीव पर संकट मंडराने लगा है। हालात ऐसे हैं कि लोग दूर-दूर से आकर इस कछुए के दर्शन कर रहे हैं और उस की पूजा अर्चना कर रहे हैं। 

बताया जा रहा है कि ये एक खास प्रजाति का दुर्लभ कछुआ है जो अपने जेनेटिक म्यूटेशन (Genetic Mutation) के कारण गोल्डन कलर का हो जाता है।

भारतीय प्रजाति का कछुआ 
बताया जा रहा है कि ये कछुआ नेपाल के धनुषा जिले के धनुषधाम नगर निगम इलाके में पाया गया। मिथिला वाइल्डेलाइफ ट्रस्ट  ने जब इस कछुए की पहचान की तो ये भारतीय फ्लैप कछुए के रूप में जाना गया। वहीँ, वन्य‍जीव विशेषज्ञ मानना है कि ये नेपाली लोगों की आस्था से जुड़ा है और इसका पाना धार्मिक महत्व है। 

क्या है नेपालियों का विश्वास 
नेपाल के लोगों का मानना है कि इस गोल्डन कछुए ने भगवान विष्णु के रूप में इस धरती पर जन्म लिया है। ये भी माना जाता है कि इस कछुए का ऊपरी हिस्सा आकाश और निचला हिस्सा धरती है। इस बारे में हिन्दू धर्म के पुराणों में भी लिखा है और इस तरह की मान्यताएं स्थानीय लोगों में काफी फैली हुई हैं। 

क्या कहते हैं एक्सपर्ट्स
वहीँ एक्सपर्ट्स का कहना है कि इस तरह के दुर्लभ कछुए पूरी दुनिया में केवल पांच ही हैं। ये एक तरह की असामान्य खोज है लेकिन विज्ञान इसे जेनेटिक तरीके से गलत प्रभाव पड़ने के कारण विकसित हुए जीव की कैटेगरी में रखता है। लेकिन फिर भी ये जीव हमारे लिए बेहद खास और बहुमूल्य है।  

जबकि कुछ जानकारों का ये भी कहना है कि कछुए के जींस में बदलाव हुआ है इसलिए ये गोल्डन पैदा हुआ है। इस तरह के परिवर्तन को क्रोमैटिक ल्यूसिजम (Chromatic lucum) कहा जाता है. इसी की वजह से गाय, कुत्ते बिल्ली और दूसरे जानवर दो या ज्यादा रंगों के पैदा होते हैं।

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