गुरुद्वारा एक्ट में बदलाव के लिए सरकार की बड़ी पहल

  • Updated on 1/29/2019

नई दिल्ली/(सुनील पाण्डेय)। दिल्ली सिख गुरुद्वारा एक्ट-1971 में संशोधन करने को लेकर दिल्ली सरकार ने आज हाईलेवल बैठक बुलाई। बैठक में इसके लिए बनाई गई विशेष कमेटी के सभी प्रतिनिधि मौजूद रहे। बैठक की अध्यक्ष सरकार द्वारा नियुक्ति मंडल आयुक्त ने की। बैठक में सिख एक्ट में मौजूद खामियों को दूर करने के लिए व्यापक चर्चा हुई। खासकर के चुनाव जीतने के बाद सदस्यों द्वारा खरीद-फरोख्त करने और दल बदल करने पर गंभीरता से मुद्दा उठा। 

इसके लिए एनटी डिफेक्शन लॉ को लाने पर विचार हुआ। गुरुद्वारा एक्ट में खामियों को लेकर सिख संगत समय समय पर सवाल उठाती रही है। खासकर एक्ट के अनुसार मतदाता की योग्यता को नजरअंरदाज करके अयोग्य लोगों को वोटर बनाने का मामला हमेशा सिख हलकों में चर्चा का विषय बना रहा है। दिल्ली कमेटी का मतदाता बनने के लिए जरूरी योग्यता श्री गुरुनानक देव से लेकर श्री गुरु गोविंद जी तक 10 गुरूओं का अपने आप को शिष्य बताना, तथा माथा केवल श्री गुरूग्रंथ साहिब को टेकना जरूरी है। 

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साथ ही मतदाता सिखी स्वरूप में साबत सूरत होना चाहिए। लेकिन मौजूदा मतदाता सूची में नामधारी, राजधास्वामी, निरंकारी, तथा अन्य डेरों से जुड़े हुए सिख बड़ी तादात में मतदाता हैं। इसके साथ ही दाढ़ी काटने वाले कई लोगों भी मतदाता सूची में हैं। इस कारण नई फोटो वाली मतदाता सूची आनलाइन बनाने की जरूरत पर बैठक में चर्चा हुई। 

इसके साथ ही वोटर सूची रजिस्ट्रेशन भी आनलान करने का सुझाव दिया गया।    सबसे खास सुझाव अमेरिका के राष्ट्रपति की तर्ज पर दिल्ली कमेटी का अध्यक्ष चुनने की प्रणाली पर भी विचार किया गया। अगली बैठक 10 दिन के बाद दोबारा होगी, जिसमें आज हुए विचारों की समीक्षा तथा कुछ नये मुद़्दे भी आ सकते हैं। अगर दिल्ली कमेटी अध्यक्ष का चुनाव सीधे मतदाता के द्वारा किया जाएगा, तो मतदाता को 2 वोट डालने पड़ेंगे। जिसमें एक वोट के द्वारा वे केमटी का अध्यक्ष चुनेगा और दूसरे वोट से अपने वार्ड का सदस्य। 

 इसके अलावा इलाकों के पुर्न सीमांकन (डी-लिमिटेशन) को लेकर भी गंभीरता से चर्चा हुई है। कई वार्ड में 6500 वोट हैं तो कुछ वार्डों में 12000। इसके अलावा बोगस वोट भी बहुत Óयादा हैं। लिहाजा नई वोटरसूची के हिसाब से 46 हल्कों की पुन हथबंदी करने की भी मांग उठी है। अब देखना है कि दिल्ली सरकार इनमें से किस मसलों को लेकर एक्ट में संशोधन को लेकर तैयार होती है। दिल्ली विधानसभा में संशोधन पास होने के बाद केंद्रीय गृहमंत्रालय की मंजूरी चाहिए होगी। इसके बाद नया एक्ट तैयार हो सकता है। बता दें कि दिल्ली कमेटी के प्रस्तावित आम चुनाव फरवरी 2021 में हैं। 

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गुरुद्वारा न्यायिक आयोग की हो स्थापना 
इस मौके पर सत्तधारी दल आप के सिख विधायक जरनैल सिंह ने गुरुद्वारा न्यायिक आयोग की स्थापना करने की भी मांग उठाई। एसजीपीसी (शिरोमणि कमेटी) में यह आयोग पहले से ही कार्यरत है। इसके अलावा चुनाव में उम्मीदवारों के खर्चें की सीमा बाकी चुनावों की तरह निर्धारित करने की मांग भी प्रमुखता से उठाई गई। इस मौके पर गुरुद्वारा चुनाव आयोग के निदेशक शूरबीर सिंह, तिलकनगर के आप विधायक जरनैल सिंह, गैर सरकारी संस्था वीओवी के मनप्रीत सिंह, शिरोमणि अकाली दल दिल्ली के अध्यक्ष परमजीत सिंह सरना, अकाली दल बादल के प्रतिनिधि मौजूद रहे। 

पांच तख्तों के जत्थेदार व ननकाना साहिब के ग्रंथी हों शामिल 
दिल्ली गुरुद्वारा एक्ट-1971 में 51 सदस्यों के साथ ही 4 तख्तों के जत्थेदार भी सदस्य होते हैं। लेकिन, तख्त श्री दमदमा साहिब के जत्थेदार इस एक्ट में शामिल नहीं हैं। इसको लेकर भी दिल्ली कमेटी द्वारा कई बार गुरुद्वारा चुनाव निदेशालय द्वारा कई बार संपर्क किया गया था। शिरोमणि अकाली दल (दिल्ली) के अध्यक्ष परमजीत सिंह सरना ने आज पांचों तख्तों के जत्थेदारों के साथ ही श्री गुरूनानक देव के जन्म स्थान ननकाना साहिब के म़ुख्य ग्रंथी को भी दिल्ली कमेटी का मानद सदस्य बनाने का सुझाव दिया। बता दे कि सरना बंधू पिछले कुछ समय पहले ननकाना साहिब को छठां तख्त घोषित करने की मांग भी कर चुके हैं।

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