Friday, Oct 29, 2021
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Government strategy reflects movement number of farmers on borders increased prshnt

Farmer Protest: सरकार की रणनीति से बदला आंदोलन का नजारा, सीमाओं पर बढ़ी किसानों की संख्या

  • Updated on 1/30/2021

नई दिल्ली/ टीम डिजिटल। दिल्ली में 26 जनवरी को हुए ट्रैक्टर रैली (Tractor Rally) के बाद से किसान आंदोलन का रूख और तेज हो गया है। केंद्र सरकार की नई रणनीति ने किसान आंदोलन को और ऊर्जा दे दी है। पहले सरकार की योजना दबाव में आए किसान संगठनों पर धीरे-धीरे दबाव बढ़ा कर आंदोलन खत्म कराने की थी। वहीं गुरुवार को सरकार ने अचानक रणनीति बदली और जल्दबाजी में धरना खत्म कराने की रणनीति बनाई। लेकिन घर लौट रहे किसान फिर से सरकार के खिलाफ आ खड़े हुए है और संख्या में किसान गाजीपुर पहुंचने लगे।

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एक बार फिर बढ़ी भीड़
दरअसल गणतंत्र दिवस के दिन किसानों के ट्रैक्टर रैली के दौरान हुई हिंसा और खासतौर पर लालकिले के घटनाक्रम के बाद किसान संगठन पर सवाल खड़े होने लगे, और इससे किसान भारी दबाव में थे। परिणाम ये रहा कि आंदोलन स्थल से बड़ी संख्या में किसान अपने अपने घरों को लौट रहे थे। हिंसा और आंदोलन स्थल से भीड़ कम होने से किसान संगठनों को आंदोलन खत्म होता दिखने लगा। सरकार किसान संगठनों पर धीरे-धीरे दबाव बढ़ारहें थे। पहले उत्तर प्रदेश और बाद में हरियाणा में जमे आंदोलनकारियों को हटाने की योजना थी।

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कुछ ही देर में पलटी आंदोलन की तस्वीर
लेकिन बाद में किसान बड़ी संख्या में खुद वापस लौट रहे थे। इससे पहले आंदोलन स्थल की बिजली और पानी की आपूर्ति बंद कर दी गई। किसानों में नाराजगी तब और बढ़ गई जब बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों को गाजीपुर के मोर्चे पर लगाया गया। इसी बीच राकेश टिकैत के आंदोलन के लिए अड़ जाने और रोने से कुछ ही देर में तस्वीर पूरी तरह पलट गई। गांव वापस लौट रहे किसान वापस धरनास्थल की ओर पानी और जरूरत का समान लेकर लौटने लगे।

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नए जोस के साथ आए प्रदर्शनकारी
बता दें कि लाल किले में हुई हिंसा के बाद किसानों का पलड़ा कुछ हल्का हो ही रहा था कि राकेश टिकैत के बहाए आंसुओं ने एक बार फिर से किसान आंदोलन में नई ऊर्जा भरने का काम कर दिया है। भारतीय किसान यूनियन के नेता राकेश टिकैत द्वारा बहाए गए आंसुओं के बाद गाजीपुर की सीमा पर प्रदर्शनकारियों ने शुक्रवार को नए जोस के साथ प्रदर्शन किया। भीड़ में सिर्फ किसान ही नहीं थे, बल्कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कॉलेजों और विश्वविद्यालयों के सैकड़ों छात्र गुरुवार रात टिकैत की भावुक अपील से विरोध स्थल पर पहुंचे।

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टिकैत के रोने के वीडियो से बदला मंजर
गाजीपुर में कम लोगों को देखते हुए पश्चिमी यूपी के लोगों से विरोध में भीड़ बढ़ाने के लिए गुरुवार को कॉल और संदेश भेजे गए थे, जिसे उत्तर प्रदेश प्रशासन ने गुरुवार रात तक खाली कराने की उम्मीद की थी। टिकैत के रोने के वीडियो को गाजीपुर में उन लोगों द्वारा व्यापक रूप से साझा किया गया था। जिसके बाद शुक्रवार तक छात्रों से भरी कारें आ गई थीं, जो “राकेश टिकैत जिंदाबाद” के नारे लगाते हुए प्रदर्शनस्थल पहुंचे।

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