Thursday, Aug 18, 2022
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ब्लैक फंगस की दवा से आयात शुल्क पूरी तरह हटाने पर विचार करे केंद्र- दिल्ली हाईकोर्ट

  • Updated on 5/27/2021

नई दिल्ली/टीम डिजिटल। देशभर में कोरोना की दूसरी लहर का कहर कुछ कम हुआ तो अब ब्लैक फंगस के मामले बढ़ने लगे हैं। इसके मामले बढ़ते ही बाजारों में इसकी दवा 'एम्फोटेरिसिन बी' की कमी होने लगी है। ऐसे में दिल्ली हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार से इस दवा के आयात शुल्क को एक सीमित अवधि के लिए पूरी तरह से हटाने पर विचार करने को कहा है।

दिल्ली हाईकोर्ट का कहना है कि पूरे देश में पीड़ित लोगों के जीवन को बचाने के लिए ब्लैक फंगस के इलाज के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले एम्फोटेरिसिन बी की आवश्यकता है, केंद्र सरकार को सीमित अवधि के लिए दवा के आयात शुल्क की पूर्ण छूट पर विचार करना चाहिए।

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अंतिम निर्णय तक न करें वास्तविक भुगतान- दिल्ली हाईकोर्ट 
इसके साथ ही कोर्ट ने ये भी कहा है कि कोई भी व्यक्ति एम्फोटेरिसिन बी का आयात कर सकता है और यदि किसी भी व्यक्ति द्वारा आयात किया जाता है, तो उक्त पहलू पर अंतिम निर्णय होने तक शुल्क के वास्तविक भुगतान के बिना आयातक से बांड स्वीकार करके उसे मंजूरी दी जा सकती है।

दिल्ली में ब्लैक फंगस के 600 से ज्यादा केस 
राजधानी में ब्लैक फंगस के मामले तेजी से बढ़ते नजर आ रहे हैं। यहां कुल 613 मामले अब तक सामने आ चुके हैं। दिल्ली के लोक नायक जयप्रकाश अस्पताल में ब्लैक फंगस के कुल 70 मरीज भर्ती हैं। एलएनजेपी अस्पताल के ईएनटी विभाग के 2 वार्ड पहले ही ब्लैक फंगस के मरीजों से भर चुके हैं। साथ ही ईएनटी विभाग के दो और वार्ड अभी तैयार किए गए हैं।

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बिना इंजेक्शन छटपटा रहे अस्पतालों में मरीज 
एलएनजेपी अस्पताल के एक वरिष्ठ डॉक्टर का कहना है कि अस्पताल में ब्लैक फंगस मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है, लेकिन दवाइयां और इंजेक्शन जुटाने के लिए अस्पताल को मुसीबत का सामना करना पड़ रहा है। दिल्ली के कड़कड़डूमा स्थित स्वास्थ्य सेवा महानिदेशालय में प्रतिदिन अपनी जरूरत के हिसाब से दवाइयां और इंजेक्शन की लिस्ट बनाकर भेजी जा रही है, लेकिन वहां से भी हमें दवाई और इंजेक्शन पूरे नहीं मिल रहे हैं।

अस्पताल में मरीज छटपटा रहे हैं और हमारे पास इंजेक्शन उपलब्ध ना होने के कारण जिन को इसकी जरूरत है उन्हें इंजेक्शन नहीं दे पा रहे हैं।

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