Wednesday, Dec 01, 2021
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कर्जे में डूब रही है केंद्र सरकार, 101.3 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गई देनदारियां

  • Updated on 9/19/2020

नई दिल्ली/टीम डिजिटल। केंद्र की मोदी सरकार की परेशानियां और बढ़ने जा रही हैं। पब्लिक डेब्ट (Debt) को लेकर जारी की गई हालिया रिपोर्ट से जानकारी मिली है कि केंद्र सरकार पर कुल देनदारियां बढ़ गई हैं। 

इस रिपोर्ट के अनुसार, सरकार पर जून 2020 के अंत तक कुल देनदारियां बढ़ कर 101.3 लाख करोड़ रुपये तक हो गई हैं। जबकि साल भर पहले ही जून 2019 के अंत में केंद्र पर कुल कर्जा 88.18 लाख करोड़ रुपये था।

पब्लिक डेब्ट यानी सार्वजनिक ऋण की इस जारी त्रैमासिक रिपोर्ट के अनुसार, जून 2020 के लास्ट में सरकार के कुल बकाए में पब्लिक डेब्ट का हिस्सा 91.1% था।

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अंग्रेजी के अखबार बिजनेस स्टैंडर्ड में छपी रिपोर्ट के अनुसार, वित्त मंत्रालय (Finance Ministry) की एक रिपोर्ट में बताया गया है कि इस साल के जून के अंत में सरकार की देनदारी बढ़कर 101.3 लाख करोड़ हो गई है। जो मार्च में 94.6 लाख करोड़ रुपए थी। ये देनदारी कोरोना के बाद से लगातार बढ़ती जा रही हैं।

वहीँ, रिपोर्ट में ये भी बताया गया है कि केंद्र सरकार ने अप्रैल-जून तिमाही में 80 हजार करोड़ की रकम जुटाई थी। जबकि पिछले वित्त वर्ष की चौथी तिमाही में नए इश्यू की औसत भारित परिपक्वता 16.87 वर्ष थी, जो अब कम होकर 14.61 वर्ष पर आ गई।

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केंद्र सरकार ने चालू वित्तीय वर्ष की पहली तिमाही के दौरान 3,46,000 करोड़ रुपये की दिनांकित प्रतिभूतियां (Dated Securities) जारी कीं, जबकि एक साल पहले इसी अवधि में 2,21,000 करोड़ रुपये की प्रतिभूतियां जारी की गई थी। 

सार्वजनिक ऋण प्रबंधन प्रकोष्ठ (Public debt management cell) के आंकड़ों को देखें तो, पिछले वित्तीय वर्ष की चौथी तिमाही में नए इश्यू की औसत भारित परिपक्वता 16.87 वर्ष पर थी, जो अब कम होकर 14.61 वर्ष पर आ गई।

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