Wednesday, Apr 01, 2020
Grand Slam champion Maria Sharapova announces retirement says Goodbye Tennis

ग्रैंडस्लैम चैम्पियन मारिया शारापोवा ने की संन्यास की घोषणा, कहा- गुडबाय टेनिस

  • Updated on 2/26/2020

नई दिल्ली/ टीम डिजिटल। टेनिस (Tennis) की दिग्गज खिलाड़ी व पांच बार की ग्रैंडस्लैम चैम्पियन मारिया शारापोवा (Maria sharapova) ने बुधवार को 32 साल की उम्र में टेनिस से संन्यास लेने की घोषणा कर दी। उन्होंने 'वोग' एंड 'वैनिटी फेयर' मैगजीन में आये एक लेख में कहा, 'टेनिस (को) - मैं गुडबाय कह रही हूं।' शारापोवा ने कहा, '28 साल और पांच ग्रैंडस्लैम खिताब के बाद, हालांकि मैं एक नयी ऊंचाई को छूने और एक अलग सफर के लिये तैयार हूं।'

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15 महीने का लग चुका है प्रतिबंध
रूस की इस स्टार खिलाड़ी ने अपने ग्रैंडस्लैम खिताब 2016 आस्ट्रेलियन ओपन (Australian Open) में प्रतिबंधित पदार्थों के परीक्षण में विफल होने के बाद 15 महीने के प्रतिबंध से पहले जीते थे। रूस की यह पूर्व नंबर एक रैंकिंग की खिलाड़ी पिछले साल कंधे की समस्या के कारण खेल नहीं पायी थी। जब उन्होंने खेलना शुरू किया तो वह काफी मुकाबलों में हार गयीं।   वर्ष 2004 में 17 वर्ष की उम्र में विम्बलडन विजेता बनने वाली शारापोवा 2005 में दुनिया की नंबर एक खिलाड़ी बनी थी और इसके अगले साल उन्होंने अमेरिकी ओपन खिताब जीता था।

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2012 में जीता फ्रेंच ओपन खिताब
शारापोवा ने बुधवार को कहा, 'मेरी सफलता में सबसे अहम चीज यह थी कि मैंने कभी भी पीछे मुड़कर नहीं देखा और ना ही ज्यादा आगे देखा।' वर्ष 2007 से कंधे की समस्या का दौर शुरू हुआ। 2008 आस्ट्रेलियाई ओपन में खिताब जीतने के बाद वह इसके कारण अमेरिकी ओपन और बीजिंग ओलंपिक में नहीं खेल पायी।  उन्होंने 2012 में फ्रेंच ओपन में खिताब जीता और वह करियर ग्रैंडस्लैम पूरा करने वाली 10वीं महिला खिलाड़ी बनीं। उन्होंने फिर ओलंपिक रजत पदक अपने नाम किया।

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चोट के बावजूद 2014 में जीती फ्रेंच ओपन ट्रॉफी 
चोट के बावजूद उन्होंने 2014 में फ्रेंच ओपन ट्रॉफी जीती। इसके बाद प्रतिबंधित पदार्थ के परीक्षण में विफल रहने के कारण उन्हें 15 महीने के लिये प्रतिबंधित कर दिया था। 2017 में उन्होंने वापसी की लेकिन सफल नहीं हो पायीं। उन्होंने कहा, 'टेनिस को अपनी जिंदगी दी और टेनिस ने मुझे जिंदगी दी।'

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मुझे ट्रेनिंग और अपनी दिनचर्या की कमी खलेगी- शारापोवा
उन्होंने कहा, 'हर दिन टेनिस की कमी महसूस होगी। मुझे ट्रेनिंग और अपनी दिनचर्या की कमी खलेगी। तड़के उठना, जूते पहनने में दायें से पहले बायें जूते के फीते बांधना और दिन की पहली गेंद खेलने से पहले कोर्ट का गेट बंद करना।' शारापोवा ने कहा, 'अपनी टीम, अपने कोचों की कमी महसूस होगी। अभ्यास कोर्ट के बेंच पर अपने पिता के साथ बैठने के क्षणों की कमी महसूस होगी। जीत या हार के बाद हाथ मिलाने की कमी महसूस होगी।'
 

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