Tuesday, Nov 12, 2019
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जमीन से हवा में मार करने वाली मिसाइल का परीक्षण

  • Updated on 5/18/2019

नई दिल्ली/टीम डिजिटल। नौसेना ने शुक्रवार को सतह से हवा में मार करने वाली मध्यम दूरी की मिसाइल का पहली बार 2 युद्धपोतों के सहयोग से सफल परीक्षण किया जिसके साथ ही वह इस तरह की उपलब्धि हासिल करने वाली चुङ्क्षनदा नौसेनाओं में शामिल हो गई। पश्चिमी समुद्री तट पर यह परीक्षण नौसेना के युद्धपोतों आई.एन.एस. कोच्चि और चेन्नई द्वारा किया गया। इन दोनों युद्धपोतों से दागी गई मिसाइलों को परस्पर सहयोग के जरिए एक ही युद्धपोत से नियंत्रित किया गया और अलग-अलग लक्ष्यों पर निशाना लगाया गया।

नौसेना ने यह परीक्षण रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डी.आर.डी.ओ.) तथा इसराईल एयरोस्पेस इंडस्ट्रीज के सहयोग से किया। सतह से हवा में मार करने वाली बराक-8 मिसाइलें कोलकाता श्रेणी के विध्वंसक युद्धपोतों में लगी हैं और भविष्य में बनाए जाने वाले सभी  युद्धपोतों पर भी लगाई जाएंगी। 

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इससे नौसेना की मारक क्षमता बढ़ेगी और उसे अपने प्रतिद्वंद्वियों पर बढ़त हासिल होगी। डी.आर.डी.ओ. की हैदराबाद स्थित प्रयोगशाला डी.आर.डी.एल. ने इजरायल एयरोस्पेस इंडस्ट्रीज लिमिटेड के साथ मिलकर यह मिसाइल विकसित की है। देश में यह मिसाइल भारत डायनामिक्स लिमिटेड ने बनाईं है।

बराक-8  मिसाइल की विशेषता
मारक क्षमता : 70 से 90 किलोमीटर
लंबाई : साढ़े 4 मीटर
वजन : 3 टन
भार क्षमता : 70 किलो भार ले जाने में सक्षम
उत्पत्ति : भारत-इसराईल के सहयोग से 
गति : मेक 2 (680 मीटर/सैकेंड)
मार्गदर्शन प्रणाली : सक्रिय डाटा डाक/अवरक्त डाक साधक

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