गुरमीत सिंह शंटी ने गुरुद्वारा कमेटी के चुनाव को बताया अवैध

  • Updated on 1/17/2019

नई दिल्ली/सुनील पाण्डेय: दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के 19 जनवरी को प्रस्तावित चुनाव पर एक नया पेंच फंस गया है। कमेटी के पूर्व महासचिव एवं वर्तमान कमेटी सदस्य गुरमीत सिंह शंटी ने चुनाव कराने की प्रक्रिया को गलत ठहराते हुए अदालत का दरवाजा खटखटाया है।

शंटी ने तीस हजारी कोर्ट में दायर किए मामले में कमेटी द्वारा दो साल की अवधि पूर्ण होने से पहले जनरल हाउस को बुलाकर नई कार्यकारिणी के चुनाव को दिल्ली गुरुद्वारा एक्ट के अनुसार गलत बताया है। साथ ही एक्ट के अनुसार बताया है कि 2 साल से पहले चुनाव कराना संभव नहीं है।

भारतीय रेलवे ने हजारों ड्राइवरों एवं गार्ड को दिया बड़ा तोहफा

अदालत ने इस मामले में गुरुद्वारा चुनाव निदेशालय और दिल्ली सिख गुरुद्वारा कमेटी दोनों को नोटिस जारी करते हएु शुक्रवार को जवाब देने के लिए तलब किया है। इसमें शंटी को अंतरिम राहत मिलने की उम्मीद है। लिहाजा, 19 जनवरी को होने वाले प्रस्तावित जनरल हाउस पर संशय के बादल मडरा रहे हैं। 

    बता दें कि 30 मार्च 2017 को कमेटी के कार्यकारिणी चुनाव हुए थे। मंजीत सिंह जीके अध्यक्ष और मनजिंदर सिंह सिरसा महासचिव बने थे। उस हिसाब से इस कार्यकारिणी की अवधि 29 मार्च 2019 को खत्म होती है। लेकिन, कमेटी प्रबंधन ने भ्रष्टाचार के आरोपों के मामले सामने आने के बाद 3 महीने पहले कार्यकारिणी चुनाव करवाने का पैतरा फेंक दिया, लेकिन आज उन्हीं का पैंतरा उलटा पड़ता दिखाई दे रहा है।

दरअसल 6 दिसम्बर 2018 को कमेटी की कार्यकारिणी ने नई कार्यकारिणी के चुनाव (अगले दो साल के लिए) 29 दिसम्बर 2018 को करवाने का प्रस्ताव गुरुद्वारा चुनाव निदेशालय को भेजने का फैसला लिया था। इसके बाद 6 दिसम्बर को ही कमेटी अध्यक्ष मंजीत सिंह जीके व महासचिव मनजिंदर सिंह सिरसा ने गुरुद्वारा चुनाव निदेशक को पत्र लिखकर इस संबंधी इंतजाम करने को कहा था।

केजरीवाल बोले- दिल्ली के लोगों ने रचा इतिहास, अब हरियाणा की बारी है

इस बावत गुरुद्वारा चुनाव आयोग ने 28 दिसम्बर को कमेटी को पत्र भेजकर नये कार्यकारिणी चुनाव कराने के कारण पूछा। इसके बाद आनन फानन में बिना कारण बताए कमेटी प्रबंधन ने 19 जनवरी 2019 को जनरल हाउस बुलाने का पत्र जारी कर दिया। बस, इसी पत्र को अवैध बताते हुए गुरमीत शंटी ने अदालत को इसे रद्द करने की मांग कर डाली है।

इसके साथ ही 9 जनवरी 2019 को गुरुद्वारा चुनाव निदेशालय ने दोबारा चुनाव कराने का औचित्य पूछा, जिसके जवाब में कमेटी ने 9 दिसम्बर 2019 को ही निदेशालय को देकर जानकारी दी कि पुरानी कार्यकारिणी इस्तीफा दे चुकी है, इसलिए नयी कार्यकारिणी का चुनाव जरूरी है।

शंटी ने कमेटी के जवाब को ही झूठा व मनगठंत बताया है। साथ ही दावा किया कि कमेटी एक्ट के अनुसार कार्यकारिणी अपना इस्तीफा जनरल हाउस को दे सकती है। लेकिन, कार्यकारिणी सदस्यों ने अपना इस्तीफा न तो जनरल हाउस को दिया है और न ही कार्यकारिणी को। इसके अलावा एक्ट के अनुसार 2 साल से पहले चुनाव कराना संभव ही नहीं है। अदालत शुक्रवार को इसपर फैसला करेगी। 

 सुखबीर बादल पहुंचे दिल्ली, नेताओं का लगा जमघट 

दिल्ली सिख गुरुद्वारा कमेटी चुनाव के सिलसिले में नेताओं का चयन करने के लिए अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर बादल वीरवार को दिल्ली पहुंच गए। उनके आते ही कमेटी में अध्यक्ष एवं महासचिव सहित बाकी पदों के  चाहवान नेता मेल मुलाकात शुरू कर दी। सूत्रों के मुताबिक कुछ सदस्यों ने वीरवार को सुबह वरिष्ठ उपाध्यक्ष हरमीत कालका को अध्यक्ष बनाने का प्रस्ताव लेकर दिल्ली के प्रभारी बलविंदर सिंह भूदड़ से मुलाकात की है। शाम को सिरसा समर्थक सदस्यों ने भी मुलाकात कर अपनी बात रखी है। सूत्रों की माने तो करीब 28 सदस्यों ने अकाली दल हाईकमान को कहा है कि भ्रष्टाचार से जुड़ा कोई भी सदस्य को एक्सक्यूटिव मेंबर न बनाया जाए। 

Hindi News से जुड़े अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक पर ज्वॉइन करें, ट्विटर पर फॉलो करें।हर पल अपडेट रहने के लिए NT APP डाउनलोड करें। ANDROID लिंक और iOS लिंक।
comments

.
.
.
.
.