Tuesday, Oct 04, 2022
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ज्ञानवापी विवाद पर बोले मोहन भागवत- हर मस्जिद में शिवलिंग क्यों देखना?

  • Updated on 6/3/2022

नई दिल्ली/टीम डिजिटल। ज्ञानवापी मस्जिद पर विवाद पर पहली बार टिप्पणी करते हुए आरएसएस के सरसंघचालक मोहन भागवत ने गुरुवार को कहा कि आरएसएस इन मुद्दों पर कोई अन्य आंदोलन (आंदोलन) शुरू करने के पक्ष में नहीं था।नागपुर में आरएसएस अधिकारी प्रशिक्षण शिविर के समापन सत्र को संबोधित करते हुए भागवत ने कहा कि ज्ञानवापी विवाद में आस्था के कुछ मुद्दे शामिल हैं और इस पर अदालत के फैसले को सभी को स्वीकार करना चाहिए।

भागवत ने कहा कि ज्ञानवापी का मामला चल रहा है। ज्ञानवापी का एक इतिहास है जिसे हम अभी नहीं बदल सकते। हमने वह इतिहास नहीं बनाया। न आज के हिंदू, न मुसलमान। यह तब हुआ। इस्लाम यहां आक्रमणकारियों के साथ आया था। इन हमलों में इस देश की आजादी चाहने वालों का मनोबल गिराने के लिए मंदिरों को तोड़ा गया। ऐसे हजारों मंदिर हैं। हिंदुओं के दिलों में खास अहमियत रखने वाले मंदिरों के मुद्दे अब उठाए जा रहे हैं। 

भागवत ने कहा किहिंदू मुसलमानों के विरोधी नहीं हैं। मुसलमानों के पूर्वज हिंदू थे। हिंदुओं के एक वर्ग को अब लगता है कि इन मंदिरों के पुनर्निर्माण की जरूरत है। 

मोहन भागवत ने कहा कि रोज़ एक मामला निकालना, ये भी नहीं करना चाहिए। हमको झगड़ा क्यों बढ़ाना? ज्ञानवापी के बारे में हमारी श्रद्धा परम्परा से चलती आई है। हम करते आ रहे हैं वो ठीक है। पर हर मस्जिद में शिवलिंग क्यों देखना? वो भी एक पूजा है। ठीक है बाहर से आई है। लेकिन जिन्होने अपनाया है वो मुसलमान वो बहार से संबंध नहीं रखते, उन्हें भी समाधान चाहिए। यद्यपी पूजा उनकी उधर की है उसमें वो रहना चाहते हैं तो अच्छी बात है। हमारे यहां किसी पूजा का विरोध नहीं है। 

 

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