Tuesday, Jul 05, 2022
-->
hardik-left-congress-for-fear-of-going-to-jail-in-sedition-case-state-congress-president

हार्दिक ने देशद्रोह मामले में जेल जाने के डर से कांग्रेस छोड़ी : प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष 

  • Updated on 5/19/2022

नई दिल्ली/टीम डिजिटल। हार्दिक पटेल के कांग्रेस छोडऩे के एक दिन बाद, पार्टी की गुजरात इकाई के अध्यक्ष जगदीश ठाकोर ने बृहस्पतिवार को दावा किया कि उन्होंने यह कदम इसलिए उठाया क्योंकि उन्हें डर था कि उनके खिलाफ दर्ज देशद्रोह के मामलों में उन्हें जेल जाना पड़ सकता है।  

मुंडका अग्निकांड: AAP ने की दिल्ली BJP अध्यक्ष पर ‘गैर इरादतन हत्या’ का मामला दर्ज करने की मांग

 

       ठाकोर ने यह दावा भी किया कि पटेल सत्ताधारी भाजपा में शामिल हो सकते हैं।   कांग्रेस नेता ने ये दावे पटेल द्वारा यहां एक संवाददाता सम्मेलन करने के तुरंत बाद किए। पटेल ने आरोप लगाया कि पार्टी की राज्य इकाई का कार्यकारी अध्यक्ष होने के बावजूद उन्हें कोई सार्थक काम नहीं दिया गया। पटेल ने यह भी आरोप लगाया कि पार्टी के पास कोई दूर²ष्टि नहीं है और इसकी राज्य इकाई जाति-आधारित राजनीति’’ में लगी है।     

‘अवसरवादी, बेईमान’ हार्दिक पिछले 6 साल से भाजपा के संपर्क में थे: कांग्रेस

    गुजरात में विधानसभा चुनावों से कुछ महीने पहले कांग्रेस से बुधवार को इस्तीफा देने वाले पटेल ने दावा किया कि कांग्रेस के शीर्ष नेताओं का ध्यान अपने मोबाइल फोन में लगा रहता है और गुजरात कांग्रेस के नेता उनके लिये चिकन सैंडविच की व्यवस्था करने में लगे रहते हैं।

राहुल गांधी की मौजूदगी में कांग्रेस में शामिल किए जाने के एक साल बाद जुलाई 2020 में उन्हें कार्यकारी अध्यक्ष बनाया गया था। यहां से करीब 220 किलोमीटर दूर राजकोट में संवाददाताओं से बात करते हुए ठाकोर ने आरोप लगाया कि पटेल ने दिन में संवाददाता सम्मेलन के दौरान जो कुछ भी कहा और जो कुछ उनके त्याग पत्र में लिखा था, उसका मजमून सत्तारूढ़ भाजपा द्वारा तैयार किया गया था।   

सुप्रीम कोर्ट ने मध्य प्रदेश नगर निकाय चुनाव में ओबीसी आरक्षण की दी इजाजत

     ठाकोर ने दावा किया, हार्दिक को डर था कि कांग्रेस में रहने पर उन्हें देशद्रोह के मामलों में जेल भी जाना पड़ सकता है। इसलिए, संभावित सजा से खुद को बचाने के लिए, उन्होंने कांग्रेस छोडऩे का फैसला किया और वे भाजपा में भी शामिल हो सकते हैं।’’   कभी आरक्षण के लिए पाटीदार समुदाय के आंदोलन का नेतृत्व करने वाले पटेल गुजरात में लगभग 25 आपराधिक मामलों का सामना कर रहे हैं, जिनमें अहमदाबाद और सूरत में राजद्रोह के आरोप में दर्ज एक-एक प्राथमिकी शामिल हैं। कार्यकारी अध्यक्ष होने के बावजूद दरकिनार किए जाने और कोई महत्वपूर्ण काम नहीं दिए जाने के पटेल के आरोपों का खंडन करते हुए ठाकोर ने कहा कि पार्टी ने उन्हें हाल ही में हुए पांच राज्यों के विधानसभा चुनावों में च्च्स्टार प्रचारक’’ बनाया था।

ठाकोर ने दावा किया, च्च्सिर्फ इतना ही नहीं, उन्हें हेलीकॉप्टर और विमानों में यात्रा करने की सुविधा दी गई थी। राष्ट्रीय स्तर की पार्टी की प्रमुख बैठकों के दौरान उन्हें हमेशा महत्व दिया जाता था।’’ उन्होंने पटेल पर पिछले कुछ समय से भाजपा के संपर्क में रहने का भी आरोप लगाया। उन्होंने कहा, पिछले एक महीने से वह जिस तरह (नेतृत्व के खिलाफ) बोल रहे थे, उससे उनके अगले कदम के संकेत मिल रहे थे। हम यह भी जानते थे कि वह भाजपा के संपर्क में हैं। लेकिन हम इस मुद्दे को सौहार्दपूर्ण ढंग से सुलझाने की कोशिश कर रहे थे क्योंकि हमें विश्वास था कि वह जेल जाने के डर से इतनी आसानी से आत्मसमर्पण नहीं करेंगे।’’

 

comments

.
.
.
.
.