पीड़ित परिवार से एक व्यक्ति को मिले सरकारी नौकरी: हरीश रावत

  • Updated on 2/9/2019

रुड़की\ब्यूरो। जहरीली शराब से मरने वालों के परिजनों का हाल जानने पहुंचे प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने मृतकों के आश्रित परिजनों की पांच हजार रुपये प्रति परिवार आर्थिक मदद करने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड सरकार को मृतक के परिजनों को पांच-पांच लाख रुपए और प्रत्येक पीड़ित परिवार से एक व्यक्ति को सरकारी नौकरी देनी चाहिए। 

पूर्व सीएम ने प्रदेश सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि जहरीली शराब से मरने वालों की संख्या दो दर्जन से अधिक हो गई है लेकिन सरकार का कोई भी नुमाइन्दा पीड़ित परिवारों का हाल जानने तक नहीं पहुंचा है। जिससे पता लगता है कि प्रदेश सरकार कितनी असंवेदनशील है। इस मौके पर भगवानपुर विधायक ममता राकेश ने भी पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत के साथ पीड़ितों के घर-घर पहुंच कर मृतक आश्रित परिवारों को ढांढस बंधाया। 

ड्राई एरिया के बावजूद हरकी पैड़ी तक बिकती है शराब

उन्होंने दुख की इस घड़ी में हर समय उनके साथ खडे़ होने की बात कहते हुए कहा कि मृतकों के परिजनों को प्रदेश सरकार से उचित मुआवजा दिलाने के लिए हरसंभव प्रयास किए जाएगें। वहीं पूर्व विधायक यशवीर चौधरी भी मृतकों के परिजनों का हाल जानने भिंडू गांव पहुंचे। जहां उन्होंने मृतक आश्रितों के परिजनों को प्रदेश सरकार से उचित मुआवजा दिलाने तथा तमाम मृतकों की श्रद्वांजलि सभा एक साथ करने की बात कहते हुए पीड़ित परिवारों को सांत्वना दी।

कांग्रेस प्रवक्ता ने की देवभूमि में शराबबंदी की मांग
प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता श्रीगोपाल नारसन ने उत्तराखंड राज्य में शराब की बिक्री व उसके पीने पर पूर्णत: प्रतिबंध लगाने की मांग की है। उन्होंने कहा कि जब गुजरात और बिहार के लोग बिना शराब के रह सकते हैं तो फिर देवभूमि उत्तराखंड के लोग क्यों नही रह सकते? प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता श्रीगोपाल नारसन ने कहा कि जहरीली शराब के कारण आसपास के देहात क्षेत्र के दो दर्जन से अधिक ग्रामीणों की मौत से साफ हो गया है कि शराब की लत लोगों के जीवन से खिलवाड़ कर रही है और लोगों के परिवार बर्बाद हो रहे हैं।

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