Monday, May 23, 2022
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हरियाणा सरकार ने चिकित्सकों की हड़ताल गैरकानूनी घोषित की, एस्मा लागू

  • Updated on 1/11/2022

नई दिल्ली/टीम डिजिटल। हरियाणा सरकार ने मंगलवार को राज्य में चिकित्सकों की हड़ताल को गैरकानूनी घोषित करते हुए आवश्यक सेवा अनुरक्षण (एस्मा) कानून लागू कर दिया है। स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज ने कहा, ‘‘हरियाणा में एस्मा कानून लागू कर दिया गया है, अब छह महीने तक स्वास्थ्यकर्मी हड़ताल नहीं कर सकेंगे। यह कदम चिकित्सकों के एक समूह के हड़ताल पर जाने के बाद उठाया गया, क्योंकि हड़ताल के कारण कोरोना वायरस संक्रमण के प्रसार पर रोक लगाने में बाधा उत्पन्न हो रही थी।’’  

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    एस्मा कानून के तहत सरकार को यह अधिकार मिल जाता है कि वह जनहित में हड़ताल को गैरकानूनी घोषित कर सके। हालांकि मंगलवार को राज्य के सरकारी अस्पतालों में स्वास्थ्य सेवाएं चिकित्सकों के हड़ताल के कारण प्रभावित रहीं। चिकित्सकों ने अपनी मांग को लेकर ओपीडी का संचालन स्थगित कर दिया था।

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चिकित्सकों की मांग है कि उनके लिए एक विशेषज्ञ कैडर का गठन किया जाए और वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारियों की सीधी भर्ती पर रोक लगाई जाए। सरकारी चिकित्सकों का प्रतिनिधित्व करने वाली संस्था हरियाणा नागरिक चिकित्सा सेवा संघ के राजेश शेवकंद ने कहा कि चिकित्सकों की हड़ताल के दौरान केवल ओपीडी सेवा प्रभावित हुई, लेकिन आपातकालीन सेवाएं और कोविड-19 रोधी टीकाकरण अभियान जारी रहा।    

आपातकालीन सेवाएं जारी रहीं 
हरियाणा सिविल मेडिकल सर्विसेज एसोसिएशन के आह्वान पर मंगलवार को सरकारी डॉक्टर हड़ताल पर रहे और ओपीडी का बहिष्कार किया। हालांकि, इस दौरान डॉक्टरों ने आपातकालीन सेवाओं तथा पोस्टमार्टम कार्रवाई को सुचारू रखा। उधर, भिवानी में मंगलवार को हड़ताल पर रहने के बावजूद चरखी दादरी में डॉक्टरों ने अपना फर्ज निभाया। चरखी दादरी सिविल अस्पताल में धरने पर बैठे डॉक्टर एक महिला की जान बचाने के लिए तुरंत आपातकालीन कक्ष में पहुंच गए। हालांकि, चिकित्सकों के तमाम प्रयास भी महिला की जान नहीं बचा सके। 

 

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जानकारी के अनुसार, भिवानी के हरि नगर निवासी 21 वर्षीय युवती ने संदिग्ध परिस्थितियों में मंगलवार सुबह घर पर फांसी लगा ली थी। इसकी सूचना मिलने पर डायल 112 की टीम महिला के घर पहुंची और वहां से उसे लेकर सिविल अस्पताल पहुंची। इसके बाद अस्पताल के मुख्य द्वार पर धरना दे रहे डॉक्टर वहां से उठकर तुरंत आपातकालीन कक्ष पहुंचे। इस बीच, जींद में जिला मुख्यालय स्थित अस्पताल के डॉक्टर मुख्य द्वार पर एकत्रित हुए और सरकार तथा विभाग द्वारा उनकी मांगों की अनदेखी किए जाने पर रोष जताया। हरियाणा सिविल मेडिकल र्सिवसेज एसोसिएशन के जिला प्रमुख डॉ देवेंद्र ने कहा कि ओपीडी नहीं किए जाने को लेकर मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) को ज्ञापन सौंपा गया था। 

  

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