Thursday, Aug 18, 2022
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अडाणी पावर के साथ पूरक बिजली खरीद समझौते को हरियाणा मंत्रिमंडल ने दी मंजूरी 

  • Updated on 6/27/2022

नई दिल्ली/टीम डिजिटल। हरियाणा मंत्रिमंडल ने सोमवार को अडाणी पावर लि. के साथ पूरक बिजली खरीद समझौते (पीपीए) को मंजूरी दे दी। बिजली कंपनी के आयातित कोयले के दाम बढऩे से विद्युत आपूर्ति रोके जाने के महीनों बाद समझौते को मंजूरी दी गयी है।  राज्य सरकार ने एक बयान में कहा कि मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर की अध्यक्षता में राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में इस प्रस्ताव को मंजूरी दी गयी।  

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    हरियाणा की वितरण कंपनियों ने 712-712 मेगावॉट की बिजली परियोजनाओं के लिये दो पीपीए किये थे। समझौता 25 साल के लिये 2.94 रुपये प्रति यूनिट कर दर पर किया गया था। यह बिजली गुजरात स्थित मूंदड़ा बिजली परियोजना से मिलनी थी।    

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    बयान के अनुसार, अडाणी पावर ने सितंबर 2021 में बिजली की आपूॢत रोक दी थी। इसका कारण आयातित कोयला महंगा होने से परिचालन लागत का बढऩा था। कंपनी ने पीपीए और संबंधित मुद्दों पर फिर से बातचीत की मांग की थी। उसका कहना था कि बढ़ी हुई लागत का बोझ ग्राहकों पर डालना जरूरी है। आधिकारिक बयान में कहा गया है, ‘‘विभिन्न विकल्पों और बिजली की उपलब्धता युक्तिसंगत दरों पर सुनिश्चित करने को ध्यान में रखते हुए हरियाणा की वितरण कंपनियों ने बातचीत की और पूरक पीपीए को लेकर मंत्रिमंडल से मंजूरी मांगी थी...।’’ 

सरकार को वाणिज्यिक कोयला खदानों की नीलामी के लिए 38 बोलियां मिलीं 
कोयला मंत्रालय को वाणिज्यिक कोयला खदानों की नीलामी के तीन दौर के तहत कुल 38 बोलियां प्राप्त हुईं है। मंत्रालय ने सोमवार को एक बयान में कहा कि नीलामी प्रक्रिया के तहत मिली ऑनलाइन बोलियों को इच्छुक संभावित बोलीदाताओं की उपस्थिति में मंगलवार सुबह दस बजे से खोला जाएगा। बयान के अनुसार, सभी कोयला खदानों के लिए ऑनलाइन रूप से तकनीकी बोली जमा करने की अंतिम तिथि 27 जून, 2022 को 12 बजे और ऑफलाइन बोली जमा करने की अंतिम तिथि 27 जून, 2022 को चार बजे थी। 

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मंत्रालय ने कहा कि नीलामी की पांचवीं किस्त के तहत 15 कोयला खदानों के लिए कुल 28 ऑफलाइन बोलियां प्राप्त हुईं है। वहीं, तीसरी किस्त के दूसरे प्रयास के तहत कुल नौ कोयला खदानों को बिक्री के लिए रखा गया और उनके लिए छह बोलियां प्राप्त हुई हैं। इसके अलावा चौथी किस्त के दूसरे प्रयास के तहत, कुल चार कोयला खदानों की नीलामी की पेशकश की गई और तीन कोयला खदानों के लिए चार बोलियां मिलीं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2020 में वाणिज्यिक खनन के लिए 41 कोयला खदानों की नीलामी की शुरुआत करते हुए कहा था कि यह देश को बिजली क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है।      

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