Tuesday, Aug 21, 2018

हरियाणा : कैप्टन अभिमन्यू ने पेश किया 1.15 लाख करोड़ रुपये का बजट, जानें क्या हैं बजट की खूबियां?

  • Updated on 3/9/2018

नई दिल्ली/टीम डिजिटल। मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर की अगुवाई वाली भाजपा सरकार ने 2018-19 के बजट में कोई नए कर का प्रस्ताव नहीं किया है। विधान सभा में आज पेश कुल 1.15 लाख करोड़ रुपये के बजट प्रस्तावों में कृषि, शिक्षा, स्वास्थ्य, उद्योग, कौशल विकास और बुनियादी ढांचा जैसे प्रमुख क्षेत्रों में खर्च बढ़ाने पर जोर दिया गया है। 

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चंडीगढ़ में राज्य विधानसभा में चौथे साल बजट पेश करते हुए वित्त मंत्री कैप्टन अभिमन्यू ने कहा कि बजट का मकसद संतुलित विकास के नए युग में प्रवेश करना है। वित्त मंत्री ने कहा कि उन्होंने 'हरियाणा एक हरियाणवी एक' विचार के साथ सभी पक्षों को साथ लेने की कोशिश की है। 

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उन्होंने कहा कि मौजूदा सरकार राजकोषीय प्रबंधन के संदर्भ में हरियाणा को एक मॉडल राज्य बनाने पर जोर दे रही है। वित्त मंत्री ने कुल 1,15,198.29 करोड़ रुपये का बजट पेश किया, जो 2017-18  के संशोधित अनुमान 1,00,739.38  करोड़ रुपये के मुकाबले 14.4 प्रतिशत ज्यादा है।     

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अभिमन्यू ने अपने 96 मिनट के भाषण में पूंजी व्यय मद में 30,012 करोड़ रुपये तथा राजस्व व्यय में 85,187 करोड़ रुपये का निर्धारण किया है। बजट में किसी नए कर का प्रस्ताव नहीं किया गया है। वित्त मंत्री ने 76,933.02  करोड़ रुपये के कुल राजस्व प्राप्त करने को लेकर भरोसा जताया। 

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बजट में कृषि एवं संबंधित क्षेत्र के आबंटन में सर्वाधिक वृद्धि की गई है। इस क्षेत्र को 4,097.46  करोड़ रुपये आबंटित किया गया है जो 2017-18 के 2,709.69 करोड़ रुपये के मुकाबले 51.22 प्रतिशत ज्यादा है। स्वास्थ्य और चिकित्सा शिक्षा के लिए बजट में 4,769.61 करोड़ रुपये आबंटित किया गया है, जो चालू वित्त वर्ष के मुकाबले 25.02 फीसद ज्यादा है।      

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वहीं शिक्षा क्षेत्र के लिए  वित्त मंत्री ने 13,978.22  करोड़ रुपये आबंटित किया है। यह पिछले वित्त वर्ष के मुकाबले 10 प्रतिशत अधिक है। वित्त मंत्री ने कौशल विकास के लिए 657.94 करोड़ रुपये, बिजली क्षेत्र के लिए 15,372.16 करोड़ रुपये, उद्योग के लिए 399.86 करोड़ रुपये,  ग्रामीण विकास के लिए 4,301.88 करोड़ रुपये और शहरी विकास के लिए 5,626.84 करोड़ रुपये आबंटित किए हैं।

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