Wednesday, Jul 06, 2022
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haryana government should give water to delhi as it deserves: delhi government

हरियाणा सरकार दिल्ली को उसके हक का दे पानी: दिल्ली सरकार

  • Updated on 5/18/2022

-सूखी पड़ी यमुना, हरियाणा सरकार नहीं छोड़ रही दिल्ली के हिस्से का पानी
-जल मंत्री ने कहा कि वजीराबाद बैराज में जलस्तर समुद्रतल से 5.5 फीट नीचे गिरा, हरियाणा सरकार ने दिल्ली के हिस्से का पानी नहीं छोड़ा तो राजधानी में हो सकती है पानी की भारी किल्लत
-जल मंत्री ने वजीराबाद बैराज का किया निरीक्षण, हरियाणा से कम पानी छोड़ने की वजह से वजीराबाद और चंद्रावल वाटर ट्रीटमेंट प्लांट से पानी का उत्पादन प्रभावित होने पर जाहिर की चिंता
नई दिल्ली। यमुना में लगातार घटते जलस्तर को देखते हुए दिल्ली की जनता को पेयजल उपलब्ध कराने को लेकर दिल्ली सरकार की चिंता बढ़ गई है। दिल्ली सरकार ने साफ  तौर पर कहा है कि हरियाणा सरकार दिल्ली की जनता के लिए निर्धारित पीने का पानी रोक रही है। यमुना में घट रहे पानी को लेकर मंगलवार को वजीराबाद बैराज का निरीक्षण करने पहुंचे जल मंत्री सत्येंद्र जैन ने कहा कि यमुना नदी में हरियाणा सरकार द्वारा कम पानी छोड़ने की वजह से वजीराबाद और चंद्रावल वाटर ट्रीटमेंट प्लांट से पानी का उत्पादन प्रभावित हो गया है। जल संकट की सीमा को रेखांकित करते हुए जल मंत्री सत्येंद्र जैन ने कहा कि हमारी हरियाणा सरकार से अपील है कि वे यहां आकर यमुना की स्थिति देखें। हम हरियाणा को 2022 की आबादी के हिसाब से पानी देने के लिए नहीं कह रहे हैं, लेकिन कम से कम सुप्रीम कोर्ट के आदेश के मुताबिक पानी तो हमें दें। हमारे हिस्से का पानी हमारा हक है। हरियाणा सरकार को मानवीय आधार पर भी इस भीषण गर्मी में दिल्लीवालों की प्यास बुझाने के लिए पानी की आपूर्ति करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि मेरी अपील है कि दिल्ली के नागरिकों को उनके हक का पानी दें, ताकि लोगों को उनके अधिकारों से वंचित न रखा जाए। हरियाणा सरकार द्वारा पानी रोक लिए जाने के कारण वजीराबाद बैराज में जलस्तर सामान्य 674.5 फीट से घटकर इस साल के न्यूनतम स्तर 669 फुट (समुद्र तल से 5.5 फीट नीचे) पर पहुंच गया है। जैन ने हरियाणा सरकार से कहा है कि यदि जल्द ही हरियाणा सरकार ने पानी की आपूर्ति बहाल नहीं की तो दिल्ली में पानी की भयंकर किल्लत हो सकती है। जल मंत्री जैन ने कहा है कि वजीराबाद तालाब दिल्ली का सबसे महत्वपूर्ण जलाशय है। यह उत्तरी और पश्चिमी दिल्ली के लिए पानी के प्रमुख स्रोतों में से एक है। वर्तमान में हरियाणा से पानी की कम निकासी के कारण दिल्ली के वाटर ट्रीटमेंट प्लांट्स अपनी क्षमता से कम क्षमता पर काम कर रहे हैं। नतीजतन वजीराबाद डब्ल्यूटीपी में पानी का उत्पादन 60-70 एमजीडी कम हो गया है। हरियाणा सरकार द्वारा दिल्ली के लोगों के हिस्से का पानी रोके जाने के चलते यमुना सूख गई है।

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दिल्ली के कई हिस्सों में जलापूर्ति हो रही है प्रभावित
जल मंत्री ने बताया कि वजीराबाद वाटर ट्रीटमेंट प्लांट में सीधे यमुना से पानी लेकर ट्रीट किया जाता है। इस पानी को ट्रीट करने के बाद दिल्ली के लोगों के घरों में आपूर्ति होती है। आज स्थिति यह है कि यमुना सूख गई है। हरियाणा सरकार द्वारा पानी रोकने के कारण दिल्ली के कई इलाकों में पानी की आपूर्ति प्रभावित हो रही है। यहां तक कि दिल्ली के सिविल लाइंस, हिंदूराव अस्पताल क्षेत्र, कमला नगर, शक्ति नगर और करोल बाग के आसपास के क्षेत्र,पहाडग़ंज,ओल्ड और न्यू राजिंदर नगर, पटेल नगर, बलजीत नगर, इंद्रपुरी और आसपास के क्षेत्रों में भी इस दौरान जलापूर्ति प्रभावित है।

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पानी के टैंकर के लिए केंद्रीय नियंत्रण कक्ष 1916 पर करें संपर्क
यमुना नदी में हरियाणा द्वारा कम पानी छोड़ने की वजह से वजीराबाद, चंद्रावल और ओखला में जल उपचार संयंत्रों से पानी का उत्पादन प्रभावित हुआ है। ऐसे में जल स्तर में सुधार होने तक पानी की आपूर्ति कुछ इलाकों में प्रभावित रह सकती है। ऐसे में पानी की किल्लत से परेशान लोग दिल्ली जल बोर्ड के केंद्रीय नियंत्रण कक्ष 1916 पर टैंकर के लिए संपर्क कर सकते हैं।

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