Thursday, Apr 02, 2020
Haryana Missing suspect corona virus infected woman detected another passenger also suspected

लापता संदिग्ध कोरोना संक्रमित महिला का पता चला, एक और यात्री भी संदिग्ध

  • Updated on 3/17/2020

नई दिल्ली/टीम डिजिटल। हरियाणा के सेक्टर-10 गुरुग्राम अस्पताल के आइसोलेशन सेंटर में कोरोना वायरस से संक्रमित भर्ती महिला रविवार को डॉक्टरों से इजाजत लिए बिना अपने घर चली गई। यह खबर मिलते ही स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया। लिहाजा सोमवार को विभाग इसका पता लगाने में कामयाब हुआ है और उसे सेक्टर-44 स्थित फोर्टिस अस्पताल के आइसोलशन वार्ड में भर्ती करवा दिया। हालांकि सोमवार को आई रिपोर्ट में महिला निगेटिव पाई गई।

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ज्ञात हो कि सेक्टर-9 निवासी 29 वर्षीय महिला 7 दिन पूर्व मलेशिया से आई थी। जिसके बाद उसकी तबीयत खराब होने के तीन दिन बाद सरकारी अस्पताल पहुंची। जहां डॉक्टरों ने मरीज में लक्षण देखकर सैंपल जांच के लिए दिल्ली नेशनल सेंटर फॉर डिसीज कंट्रोल सेंटर (एनसीडीसी) भेजे थे।

शनिवार को आई रिपोर्ट के बाद महिला कोरोना वायरस से ग्रस्त मिली। लिहाजा उसे तुरंत सेक्टर-10 स्थित सिविल अस्पताल के आइसोलेशन वार्ड में भर्ती कर लिया गया था। बताया जाता है कि अस्पताल की सुविधाएं व वहां के इलाज प्रक्रिया से महिला खुश नहीं थी। लिहाजा मौका पाकर वह बिना बताए अपने घर चली गई। वहीं महिला का पता चलने के बाद स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने राहत की सांस ली है। 

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सफदरजंग अस्पताल से कोरोना संक्रमण की रोकथाम और नियंत्रण के मामले में एक बड़ी लापरवाही उजागर हुई है। मामला एक ऐसी महिला से जुड़ा हुआ है जो जनकपुरी स्थित एक अस्पताल में एक दूसरी कोरोना संक्रमित महिला के संपर्क में आ गई थी। जिसके बाद वह जांच के लिए पहले आरएमएल अस्पताल पहुंची। जहां से उसे सफदरजंग अस्पताल भेज दिया गया था। 

अस्तपाल सूत्रों के मुताबिक जनकपुरी निवासी महिला कोरोना संक्रमित महिला के संपर्क में तब आ गई थी जब दोनों का एक निजी अस्पताल में उपचार किया जा रहा था। जनकपुरी की 69 वर्षीय महिला में कोरोना संक्रमण की पुष्टि होने के बाद इस महिला को भी निजी अस्पताल ने राममनोहर लोहिया (आरएमएल) अस्पताल में जांच के लिए भेज दिया था, लेकिन आरएमएल अस्पताल के चिकित्सकों ने महिला को सफदरजंग अस्पताल रेफर कर दिया। 

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महिला सफदरजंग अस्पताल में पहुंची लेकिन आइसोलेशन वार्ड में न जाकर सीधे इमरजेंसी में जा पहुंची। इस दौरान बिना किसी सुरक्षा उपाए के वह कई जगहों पर भटकती रही। जब इस मामले की जानकारी सफदरजंग अस्पताल के डॉक्टरों को हुई तो आनन-फानन में महिला को आइसोलेशन वार्ड में ले जाकर भर्ती कराया गया। हालांकि, महिला की जांच रिपोर्ट सामान्य पाई गई है। रिपोर्ट सामान्य आने के बाद अस्पताल के डॉक्टरों और कर्मचारियों ने राहत की सांस ली।

एक महिला यात्री भी संदिग्ध
दिल्ली के निजामुद्दीन से आगरा कैंट तक 9 मार्च को गतिमान एक्सप्रेस से यात्रा करनेवाली महिला को भी संदिग्ध माना जा रहा है। हालांकि अभी उसके पॉजिटिव होने की पुष्टि पूरी तरह से नहीं हुई है। बता दें कि महिला अपने पति के साथ हनीमून पर गई थी। इसके बाद जब दोनों वापस आए तो उसके पति में कोरोना के लक्षण दिखाई दिए। जांच में वह पॉजिटिव पाया गया। लेकिन, इसके बाद महिला ने जांच नहीं कराई, बल्कि यह बात छिपाने की भी कोशिश की गई। इसको लेकर एफआईआर भी दर्ज की गई है। इस मामले में रेलवे ने उस कोच को ही अलग करवा दिया जिसमें महिला व उसके पति ने सफर किया था। रेलवे ने कोच में सफर करने वाले 15 ठेकाकर्मी के अतिरिक्त 78 अन्य यात्रियों को भी आइसोलेशन वार्ड में रखने की प्रक्रिया शुरू कर दी। यात्रियों को एसएमएस और फोन कॉल कर सूचना दी गई है। कोच में सफर करनेवाले कई यात्री दिल्ली के भी निवासी है। 

विदेश से लौटे तीन संदिग्ध संयुक्त अस्पताल पहुंचे
सोमवार को संयुक्त अस्पताल में कोरोना के तीन संदिग्ध मरीज पहुंचे। इनमें एक इंडोनेशिया, एक दुबई और एक यूएसए से वापस लौटे हैं। इंडोनेशिया और दुबई से लौटे लोगों में कोई लक्षण नहीं मिलने पर सीनियर फिजिशियन ने दोनों को 14 दिनों के लिए होम आइसोलेशन में रहने की सलाह दी गई है। वहीं, यूएसए से लौटी महिला को बुखार और खांसी होने के कारण आइसोलेशन में भर्ती किया गया है। पहले महिला ने अस्पताल के आइसोलेशन में भर्ती होने से इनकार कर दिया था। बाद में महिला और उनके परिजनों को बताया गया कि यदि वह भर्ती नहीं होंगी तो उनके खिलाफ  कानूनी कार्रवाई की जाएगी। 

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जिसके बाद उन्होंने आइसोलेशन वॉर्ड में भर्ती होने पर सहमती जताई। महिला का सैंपल लेकर जांच के लिए भेजा गया है। वहीं दूसरी तरफ जिला एमएमजी अस्पताल के आइसोलेशन वॉर्ड में भर्ती कोरोना पॉजिटिव मरीज का सोमवार को एक बार फिर से सैंपल लेकर जांच के लिए भेजा गया। मरीज का उपचार कर रहे सीनियर फिजिशियन ने बताया कि मरीज की हालत स्थिर है और उसमें कोरोना का कोई लक्षण नहीं है। मरीज ने अस्पताल प्रबंधन को बताया कि उनके पिता सफदरजंग अस्पताल में भर्ती हैं, फोन पर हुई बातचीत में उन्होंने बताया कि उनकी कोरोना रिपोर्ट निगेटिव आई है। 
 

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