Sunday, May 22, 2022
-->
hathras-case-pfi-s-investigation-moves-to-bhim-army-signs-of-connection-and-funding-prshnt

हाथरस केस: PFI के जांच का रुख भीम आर्मी की ओर, कनेक्शन और फंडिंग के संकेत!

  • Updated on 10/9/2020

नई दिल्ली/ टीम डिजिटल। उत्तर प्रदेश के हाथरस मामले (Hathras Case) में जातीय उन्माद फैलाने का साजिश का खुलासा हुआ है, जिसके पीछे पीएफआई का नाम सामने आ रहा है। इसी दौरान पुलिस ने केरल में पीएफआई के मुखपत्र के संपादक को गिरफ्तार किया है। अब पुलिस उसे रिमांड पर लेने की तैयारी कर रही है, ताकि उससे पूछताछ की जा सके। वह शाहीन बाग के पीएफआई कार्यालय का सचिव भी था। पुलिस को इस मामले में भीम आर्मी के पीएफआई के साथ संलिप्त होने के भी संकेत मिले हैं।

CBSE के 10वीं और 12वीं कक्षा के छात्रों की एग्जाम फीस माफी के लिए सुप्रीम कोर्ट में याचिका 

पत्रकार के बैंक एकाउंट से भारी ट्रांजेक्शन हुआ
पुलिस के मुताबिक गिरफ्तार किए गए पत्रकार के एक बैंक एकाउंट से भारी बैंक ट्रांजेक्शन हुआ है। उसके बाकी बैंक एकाउंट्स की तलाश भी की जा रही है। 

पुलिस की मानें तो एक राजनीतिक दल से जुड़े पश्चिमी यूपी के एक बदनाम खनन माफिया ने भी इस मामले में फंडिग की है। उसका नाम चीनी मिल घोटाले में भी शामिल है।

राहुल गांधी ने VVIP विमानों की खरीद को लेकर पीएम मोदी पर साधा निशाना 

सुरक्षा एजेंसियों की सतर्कता से साजिश नकाम
बता दें कि हाथरस मामले के नाम पर यूपी में उन्माद फैलाने के लिए जातीय संघर्ष कराने साजिश की जा रही थी, लेकिन सुरक्षा एजेंसियों की सतर्कता से वो साजिश नकाम हो गई।

सरकारी सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक हाथरस कांड के बाद हाथरस को जलाने की एक बड़ी साज़िश रची गई थी, पीएफआई को इस मामले में 50 करोड़ रुपये की फंडिंग हुई है और ये सब मॉरीशस के रास्ते उन तक पहुंचा है और यही नहीं हाथरस के बहाने 100 करोड़ की फंडिंग की जा चुकी है। 

यहां पढ़ें अन्य बड़ी खबरें

Hindi News से जुड़े अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक पर ज्वॉइन करें, ट्विटर पर फॉलो करें।हर पल अपडेट रहने के लिए NT APP डाउनलोड करें। ANDROID लिंक और iOS लिंक।
comments

.
.
.
.
.