Monday, Dec 06, 2021
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क्या देखी है आपने शाहजहांनाबाद की सिटी वॉल 

  • Updated on 9/7/2021

नई दिल्ली। अनामिका सिंह। आपने क्या कभी वॉल सिटी की दीवारों को देखा है। जिसके भीतर शाहजहां के ख्वाबों का शहर शाहजहांनाबाद बसाया गया था। यदि नहीं तो हम आपको आज ले चलते हैं सिटी वॉल के अवशेषों के नजदीक। जिसे आज सिर्फ दरियागंज में देखा जा सकता है। इस दीवार का अब कुछ ही हिस्सा बचा हुआ है, जिसका संरक्षण भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) द्वारा किया जा रहा है।
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साल 1650 में बनी थी सिटी वॉल
जब आप दिल्ली गेट मेट्रो स्टेशन से राजघाट की ओर बढते हैं तब रेड लाइट से उल्टे हाथ की ओर पडने वाला पहला रास्ता आपको सिटी वॉल यानि नगर प्राचीर के पास तक ले जाएगा जोकि दिल्ली के सातवें शहर शाहजहांनाबाद की रक्षा प्राचीर है। करीब 100-150 मीटर की यह दीवार राजघाट की ओर से दिखाई नहीं देती क्योंकि यह पेडों के पीछे छिप जाती है। इसे दरियागंज की ओर से ही देखा जा सकता है। इसे 17वीं सदी के मध्य में निर्मित शहर शाहजहांनाबाद के चारों ओर निर्मित किया गया था। सन् 1650 में निर्मित इस दीवार को मिट्टी और पत्थर से निर्मित पुरानी दीवार के स्थान पर बनाया गया था जो भारी बारिश की वजह से गिर गई थी। 
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इस दीवार में थे 13 दरवाजे और 14 खिडकियां
इतिहासकारों का कहना है कि पूर्ण रूप से निर्मित इस दीवार की लंबाई करीब 6 किलोमीटर थी। इसमें 13 दरवाजे और 14 छोटी खिडकियां थीं। साल 1852 में अंग्रेजों ने इसमें एक दरवाजा और जोड दिया था, जिसे कलकत्ता दरवाजा कहा जाता था। दरियागंज में निर्मित इस दीवार की ऊंचाई करीब 13 मीटर है। लाल बलूई पत्थरों से बनी इस दीवार पर सैनिकों के चढने के लिए प्लेटफॉर्म भी है, जिससे वो शहर की रक्षा किया करते थे।
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1857 में अंग्रेजों ने तुड़वा दी थी सिटी वॉल 
सन् 1857 के विद्रोह के बाद उस समय तोड दिया गया था, जब अंग्रेजों ने कई दरवाजों को तोडऩे और नगर की दीवार के हिस्सों को नष्ट करने का निर्णय लिया था। जिससे नगर की अंदर से रक्षा ना की जा सके। सिर्फ दरियागंज में ही सिटी वॉल के देखी जा सकती है।
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सिटी वॉल को बनाया पार्किंग स्थल
हमारा देश संस्कृति व सभ्यता के मामले में जितना समृद्ध रहा है उतने ही वर्तमान में लोग नीरस होते जा रहे हैं। यही वजह है कि एएसआई की सूचना के बावजूद सिटी वॉल के सामने अवैध रूप से पार्किंग का प्रयोग किया जा रहा है। जिससे उसकी स्थापत्य कला दिखाई नहीं देती।
 

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