निजामुद्दीन औलिया की दरगाह पर महिलाओं के प्रवेश वाली याचिका पर अगले हफ्ते सुनवाई संभव

  • Updated on 12/7/2018

नई दिल्ली/टीम डिजिटल। राजधानी दिल्ली में स्थित हजरत निजामुद्दीन औलिया की दरगाह के गर्भ गृह में महिलाओं की प्रवेश की इजाजत मांगने वाली एक याचिका की सुनवाई दिल्ली हाई कोर्ट में अगले हफ्ते हो सकती है। इस याचिका को पुणे से लॉ की पढ़ाई करने वाली एक लड़की ने दायर किया था।

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इसमें याचिकाकर्ता ने दावा किया गया है कि 27 नवंबर को जब वह निजामुद्दीन औलिया की दरगाह गई थी तब दरगाह के बाहर महिलाओं के प्रवेश पर निषेध का एक नोटिस टांग दिया गया था। आपको बता दें कि यह दरगाह प्रमुख सूफी संत निजामुद्दीन औलिया की कब्र पर बनाई गई है।

याचिका में केंद्र सरकार, दिल्ली सरकार, दिल्ली पुलिस और मंदिर के प्रबंधन के लिए दिशानिर्देश जारी करने और इस प्रवेश पर रोक को 'असंवैधानिक' घोषित करने की मांग की गई है। याचिका में कहा गया है कि- 'निजामुद्दीन दरगाह की प्रवृति एक सार्वजनिक स्थान की है और लिंग के आधार पर किसी सार्वजनिक स्थान पर किसी के प्रवेश का निषेध भारत के संविधान के ढांचे के विपरीत है।'

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मीडिया रिपोर्ट मुताबिक वकील कमलेश कुमार मिश्रा के माध्यम से दायर पीआईएल में दलील दी गई कि अधिकारियों या दिल्ली पुलिस से बार-बार जानकारी मांगने के बावजूद उन्हें किसी तरह का कोई जवाब नहीं मिला है।

याचिका में सबरीमाला मंदिर पर सुप्रीम कोर्ट के हालिया फैसले का हवाला देते हुए याचिकाकर्ता ने कहा है कि जब सुप्रीम कोर्ट सबरीमाला मंदिर में महिलाओं के प्रवेश को इजाजत दे सकती है तो यहां क्यूं नहीं। इसमें अजमेर शरीफ दरगाह और हाजी अली दरगाह जैसे कई अन्य मंदिरों का भी उल्लेख किया गया है जो महिलाओं के प्रवेश पर रोक नहीं लगाते हैं।

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