Saturday, Dec 03, 2022
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hearing to start in supreme court on experimental basis guidelines issued prshnt

सुप्रीम कोर्ट में शुरू होगी प्रायोगिक आधार पर सुनवाई, जारी हुए दिशा-निर्देश

  • Updated on 9/1/2020

नई दिल्ली/ टीम डिजिटल। कोरोना (Coronavirus) संकट के कारण लंबे समय से सुप्रीम कोर्ट (Suprime Court) में फिजिकल सुनवाई पर रोक थी। अब कोर्ट ने इसके लिए मानक संचालन प्रक्रिया जारी की है। यह फैसला वकीलों के अलग-अलग संस्थानों के अनुरोध पर प्रयोगिक तौर पर किया जा रहा है। कोरोना महामारी के कारण 25 मार्च से ही देशव्यापी लॉकडाउन के साथ ही सुप्रीम कोर्ट में वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए मामलों की सुनवाई की जा रही थी। अनलॉक की प्रक्रिया शुरू होने के बावजूद सुप्रीम कोर्ट सुनवाई की प्रक्रिया वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए ही रखने का फैसला किया था।

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सात न्यायाधीशों की समिति ने  फिजिकल सुनवाई की कि सिफारिश
वहीं देश में अब अनलॉक की प्रक्रिया में कई चीजों में छूट मिलने के बाद जस्टिस एनवी रामना की अध्यक्षता वाली सात न्यायाधीशों की समिति ने इस महीने की शुरुआत में चीफ जस्टिस एस ए बोबडे से प्रयोगिक के आधार पर कोर्ट में मामले की सुनवाई फिजिकल तौर पर करने की सिफारिश की है। जिसके बाद समिति ने अलग-अलग बार एसोसिएशन से इस मुद्दे पर विचार विमर्श किया था।

साथ ही समिति ने फिजिकल सुनवाई के दौरान सभी सुरक्षा नियमों को भी लागू करने को कहा है, समिति मामलों की फिजिकल सुनवाई कब से शुरू होगी इस बारे में एसओपी में कोई उल्लेख नहीं है।

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इन नियमों का रखा जाएगा ध्यान
फिजिकल सुनवाई को लेकर सुप्रीम कोर्ट के महासचिव एस. कलगांवकर द्वारा जारी एसओपी में कहा गया है कि प्रयोगिक तौर पर शुरू हो रही। फिजिकल सुनवाई आरंभ में तीन कोर्ट रूम में होगी। वहीं आगे की परिस्थितियां देखते हुए कोर्टरूम की संख्या में कमी या बढ़ोतरी की जाएगी। इसके अलावा केवल सीमित समय संख्या में वकील और पार्टी और पक्षकारों को कोर्ट रूम में प्रवेश की अनुमति होगी।

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