Monday, Jan 24, 2022
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heated argument between harsimrat kaur and congress mp in parliament musrnt

Video: कृषि कानून पर हरसिमरत कौर और कांग्रेस MP में नोकझोंक

  • Updated on 8/4/2021

नई दिल्ली/ टीम डिजिटल। केंद्रीय कृषि कानूनों के मुद्दे पर बुधवार को शिरोमणि अकाली दल की नेता हरसिमरत कौर बादल और कांग्रेस सांसद रवनीत सिंह बिट्टू के बीच संसद परिसर में तीखी नोकझोंक हुई।

पूर्व केंद्रीय मंत्री हरसिमरत कौर बादल संसद परिसर में कृषि कानूनों का विरोध करते हुए तख्ती लेकर खड़ी थीं। उसी दौरान वहां से गुजर रहे बिट्टू उनके पास पहुंच गए। दोनों नेताओं ने एक दूसरे पर आरोप- प्रत्यारोप लगाए। कई सोशल मीडिया यूजर्स ने दोनों नेताओं के बीच हुई इस नोकझोंक का वीडियो शेयर किया।

वीडियो में बिट्टू अकाली दल की नेता पर केंद्रीय मंत्री रहते हुए तीनों कृषि कानून पारित कराने का आरोप लगाते दिख रहे हैं, जबकि हरसिमरत इसका प्रतिवाद करती नजर आ रही हैं। हरसिमरत ने ‘काले कानून रद्द करो’ के नारे भी लगाए। लोकसभा में बसपा के नेता रितेश पांडेय और कुछ अन्य सांसद भी कृषि कानूनों के विरोध में हरसिमरत के साथ खड़े थे।

कृषि कानून, पेगासस जासूसी मामला और कुछ अन्य मुद्दों पर कांग्रेस, तृणमूल कांग्रेस तथा अन्य विपक्षी दलों के सदस्यों के हंगामे के कारण बुधवार को भी लोकसभा की कार्यवाही स्थगित कर दी गयी। बैठक शुरू होने पर लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने सदन के आठ पूर्व सदस्यों के निधन की जानकारी दी और सभा ने उनके सम्मान में कुछ पल का मौन रखा।      इसके बाद अध्यक्ष बिरला ने प्रश्नकाल शुरू कराया।

इसी दौरान कांग्रेस और तृणमूल कांग्रेस समेत अन्य कुछ विपक्षी दलों के सदस्य पेगासस जासूसी मामले पर सदन में चर्चा कराने की मांग को लेकर आसन के समीप नारेबाजी करने लगे। शोर- शराबे के बीच ही रेल राज्य मंत्री रावसाहेब पाटिल दानवे ने रुकी हुई रेल परियोजनाओं के संबंध में सदस्यों के पूरक प्रश्नों के उत्तर दिये।

आसन के समीप पोस्टर दिखा रहे विपक्षी सदस्यों से नाराजगी जताते हुए अध्यक्ष बिरला ने उनसे सदन की गरिमा बनाये रखने को कहा। उन्होंने कहा, ‘यह तरीका ठीक नहीं है। यह बिल्कुल गलत है। आप संसद की मर्यादा और आसन का अपमान करने की कोशिश मत कीजिए।’ अध्यक्ष ने विपक्षी सदस्यों की नारेबाजी नहीं थमने पर कार्यवाही 11:30 बजे तक के लिए स्थगित कर दी।

एक बार के स्थगन के बाद कार्यवाही पुन: शुरू होने पर भी हंगामा जारी रहा और विपक्षी सदस्य आसन के समीप आकर पहले की तरह ही नारेबाजी करने लगे। पीठासीन सभापति राजेंद्र अग्रवाल ने हंगामा कर रहे सदस्यों से कहा, ‘‘आप ऐसा कुछ मत कीजिए जिससे आसन को कार्रवाई करनी पड़े। यह अस्वीकार्य है।’ उन्होंने कुछ ही मिनट बाद कार्यवाही दोपहर 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दी।

गत 19 जुलाई को मॉनसून सत्र की शुरुआत से ही कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों के सदस्य पेगासस जासूसी मामला और केंद्र के तीन नये कृषि कानूनों समेत अन्य मुद्दों पर नारेबाजी कर रहे हैं। हंगामे के कारण सदन की कार्यवाही सुगमता से नहीं चल पा रही है।

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