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High court directs Delhi government compensation given to auto drivers within 10 days prshnt

दिल्ली हाई कोर्ट का केजरीवाल सरकार को निर्देश, 10 दिन के अंदर ऑटो ड्राइवरों को दिया जाए मुआवजा

  • Updated on 5/30/2020

नई दिल्ली/ टीम डिजिटल। कोरोना संकट के बीच दिल्ली हाईकोर्ट ने केजरीवाल सरकार को ऑटो, रिक्शा, ई-रिक्शा और ग्रामीण सेवा के ड्राइवरों को 5000 रुपये मुआवजा देने का निर्देश दिया है और कहा है कि इन सभी को 10 दिनों के अंदर यह लाभ दे दिए जाए। दिल्ली सरकार ने 11 अप्रैल को एक स्कीम लॉन्च की थी। जिसमें करोना के कारण हुए नुकसान की भरपाई के लिए मुआवजे के तौर पर 5000 रुपये दिल्ली सरकार की ओर से देने की घोषणा की गई थी।

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सिर्फ पीवीसी बैच में चिप वाले ड्राइवरों को मिला फायदा
इस घोषणा को लेकर दिल्ली हाईकोर्ट में एनजीओ नई सोसाइटी की तरफ से याचिका दायर की गई है और अर्जी में कहा गया है कि दिल्ली सरकार की इस स्कीम का फायदा सिर्फ उन्हीं ड्राइवरों को मिला जिनके पीवीसी बैच में चिप लगा हुआ था। चिप होने पर ही ड्राइवरों को 5000 रुपये का मुआवजा मिला। याचिकाकर्ता के वकील वरुण जैन का कहना है कि बैच में चिप लगे होने की शर्त के कारण 50 फ़ीसदी से भी कम ड्राइवरों को दिल्ली सरकार की तरफ से कोरोा का मुआवजा के तौर पर 5000 रुपये दिए गए।

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दिल्ली सरकार के ट्रांसपोर्ट विभाग ने अपनी वेबसाइट पर किए बदलाव
हाई कोर्ट के निर्देश के बाद दिल्ली सरकार के ट्रांसपोर्ट विभाग ने अपनी वेबसाइट में बदलाव करते हुए और जिनके पीवीसी बैच में चिप नहीं थे उनके आवेदन को भी स्वीकार किया दिल्ली सरकार के अनुसार अब तक 110000 ड्राइवरों को ₹5000 सहायता राशि सीधे उनके अकाउंट में ट्रांसफर कर दिया गया है लेकिन याचिकाकर्ताओं का कहना है कि सिर्फ पीवीसी बैच होल्डर की संख्या दिल्ली में दो लाख 83 हजार है।

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10 दिनों के अंदर सभी ड्राइवरों को दी जाए रकम
इस मामले में दिल्ली हाईकोर्ट ने दिल्ली सरकार के ट्रांसपोर्ट विभाग को निर्देश दिए हैं कि सभी ड्राइवरों जिनके पास वैध ड्राइविंग लाइसेंस है और पीएसवी बैच नंबर है, उन्हें दिल्ली सरकार की ओर से तुरंत मुआवजा मुहैया कराई जाए। कोर्ट ने आदेश जारी कर कहा है कि इस स्कीम को लॉन्च किए हुए दिल्ली में काफी समय बीत चुका है। 11 अप्रैल के दिन इसको लांच किया गया था और अब मई खत्म होने जा रहा है। अब सरकार सुनिश्चित करें कि 10 दिनों के अंदर सभी ड्राइवरों को उनके रकम उनके अकाउंट में ट्रांसफर कर दिए जाए, ताकि गोनाकाल में संकट से जूझ रहे जरूरतमंद ड्राइवर रकम और स्कीम का फायदा ले सके।

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कम लोगों तक पहुंची रकम
बता दें कि दिल्ली सरकार ने पब्लिक सर्विस वहीकल बैच होल्डर्स को 2010 में चिप लगवाने के लिए कहा था जिसके बाद सरकार के इस आदेश का कुछ लोगों ने पालन किया और कुछ ने अपने बैच में चिप नहीं लगवाया। लेकिन उनके पास उनका वैद्य ड्राइविंग लाइसेंस है इसके अलावा कई लाइफटाइम पीएसवीबस होल्डर भी हैं।

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दरअसल दिल्ली सरकार की ओर से कोरोना संकट में हुए नुकसान को लेकर भरपाई के लिए 140 करोड़ रुपए की रकम तय की गई थी, याचिकाकर्ताओं की ओर से बताया गया कि इस रकम से अभी तक 55 करोड़ ही आम लोगों तक पहुंच पाए हैं।

 

 

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