Tuesday, Oct 19, 2021
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high court- twitter will have to follow the law prshnt

दिल्ली HC का Twitter को फटकार, कहा- नए आईटी नियमों का पालन करना होगा

  • Updated on 5/31/2021

नई दिल्ली/ टीम डिजिटल। दिल्ली उच्च न्यायालय ने सोमवार को कहा कि यदि डिजिटल मीडिया संबंधी नए सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) नियमों पर रोक नहीं लगाई गई है तो ट्विटर को इनका पालन करना होगा। इस टिप्पणी के साथ ही न्यायमूर्ति रेखा पल्ली ने अधिवक्ता अमित आचार्य की याचिका पर केंद्र और सोशल मीडिया मंच ट्विटर को नोटिस जारी कर उन्हें अपना पक्ष रखने का निर्देश दिया है। आचार्य ने अपनी याचिका में दावा किया है कि ट्विटर ने नियमों का पालन नहीं किया है।

दूसरी ओर, ट्विटर ने अदालत के समक्ष दावा किया कि उसने नियमों का पालन किया है और एक शिकायत निवारण स्थानीय अधिकारी नियुक्त किया है, लेकिन केंद्र सरकार ने इस दावे को गलत ठहराया। अदालत ने कहा, ‘यदि इन (नियमों) पर रोक नहीं लगाई गई है, तो उन्हें इसका पालन करना होगा।’ आचार्य ने वकील आकाश वाजपेयी और मनीष कुमार के जरिए दर्ज कराई गई याचिका में कहा कि जब उन्होंने कुछ ट्वीट के बारे में शिकायत दर्ज करवाने का प्रयास किया, तब उन्हें सरकारी नियमों का अनुपालन कथित रूप से नहीं किए जाने के बारे में पता चला।

सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार के स्थायी वकील रिपुदमन सिंह भारद्वाज ने अदालत से कहा कि ट्विटर ने नियमों का पालन नहीं किया है। याचिका में कहा गया है कि ट्विटर ने शिकायत निवारण स्थानीय अधिकारी नियुक्त करने संबंधी केंद्र के आईटी कानून के नियम का पालन नहीं किया है। इसमें अनुरोध किया गया है कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्विटर को इस नियम का अविलंब पालन करने का निर्देश दिया जाए।

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याचिका में कहा गया है कि नए आईटी नियम 25 फरवरी को प्रभाव में आए तथा केंद्र ने ट्विटर समेत सभी सोशल मीडिया मंचों को इनका पालन करने के लिए तीन महीने का वक्त दिया था। याचिका में कहा गया कि यह अवधि 25 मई को समाप्त हो गई लेकिन ट्विटर ने इस मंच पर ट्वीट से जुड़ी शिकायतों को देखने के लिए आज तक शिकायत निवारण स्थानीय अधिकारी की नियुक्ति नहीं। याचिका में केंद्र को भी निर्देश देने का अनुरोध किया गया कि वह आईटी नियमों का अनुपालन सुनिश्चित करे।

ट्विटर ने हाल में नए आईटी नियमों की आलोचना की थी और कहा था कि ये नियम ‘मुक्त और खुली सार्वजनिक बातचीत को रोकते हैं।’ इस पर प्रतिक्रिया में केंद्र ने कहा था कि ट्विटर भारत को बदनाम करने के लिए निराधार और झूठे आरोप लगा रहा है।

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ट्विटर ने अभी तक नियमों के मुताबिक नहीं कर्रवाई
बता दें कि इससे पहले सोशल मीडिया कंपनियों को लेकर कई दिनों से लगातार खबरें आ रही है। सरकार की ओर से जारी नई गाइलाइंस को लेकर सरकार और ट्विटर के बीच तनातनी और बढ़ती जा रही है, प्रौद्योगिकी मंत्रालय के सूत्रों से पता चला है कि अब तक सभी प्रमुख सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म की तरफ से नियमों के मुताबिक अधिकारियों की नियुक्ति की गई है, लेकिन ट्विटर ने अभी तक नियमों के मुताबिक कर्रवाई नहीं की है।

हाल ही में व्हाट्सएप दिल्ली हाई कोर्ट पहुंचा था। वहीं अब नई गाइडलाइंस को फॉलो करने से ट्विटर ने इनकार कर दिया। और साथ ही अभिव्यक्ति की आजादी का मुद्दा भी उठाया है। ऐसे में सरकार ने ट्विटर से नाराजगी जताई है। 

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ट्विटर को मिला सख्त संदेश
हाल ही में व्हाट्सएप दिल्ली हाई कोर्ट पहुंचा था। वहीं अब नई गाइडलाइंस को फॉलो करने से ट्विटर ने इनकार कर दिया। और साथ ही अभिव्यक्ति की आजादी का मुद्दा भी उठाया है। ऐसे में सरकार ने ट्विटर से नाराजगी जताई है। 

इन्फॉर्मेशन एंड टेक्नोलॉजी मिनिस्ट्री की ओर से स्वदेशी कू ऐप पर बयान जारी किया गया है जिसमेंर ट्विटर पर भी हमला बोला गया, कू ऐप पर सरकार की पोस्ट से साफ है कि वह ट्विटर को सख्त संदेश देना चाहती है। सरकार ने अपने बयान में कहा है कि ट्विटर ने दुनिया के सबसे लोकतंत्र को हांकने की कोशिश की है। मंत्रालय ने कहा कि ट्विटर ने उन रेग्युलेशंस को मानने से इनकार कर दिया है और भारत में किसी आपराधिक गतिविधि के लिए एक सुरक्षित ठिकाना बनने जैसा काम किया है। 

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