Friday, May 20, 2022
-->
high voltage drama that lasted till late night at ghazipur border rakesh tikait pragnt

गाजीपुर बॉर्डर पर देर रात तक चला हाईवोल्टेज ड्रामा, राकेश टिकैत ने कहा- जारी रहेगा आंदोलन

  • Updated on 1/29/2021

नई दिल्ली/टीम डिजिटल। गणतंत्र दिवस (Republic Day) के मौके पर केंद्र के नए कृषि कानूनों के खिलाफ राजधानी दिल्ली में किसानों की ट्रैक्टर परेड के दौरान हुई हिंसा और लाल किले में धार्मिक झंड़ा फहराने की घटना के बाद किसान आंदोलन कमजोर हो गया है। वहीं किसानों के आंदोलन से सात संगठन अलग हो गए हैं। लेकिन गाजीपुर बॉर्डर पर यूपी पुलिस और किसानों के बीच जंग तेज हो गई है। यूपी पुलिस के आदेश के बाद गुरुवार देर शाम से आधी रात तक गाजीपुर बॉर्डर पर हाईवोल्टेज ड्रामा जारी रहा।

दिग्विजय सिंह का मोदी सरकार पर हमला, कहा- गोरे चले गए, चेले छोड़ गए

भावुक हुए राकेश टिकैत
भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत वीरवार को भावुक हो गए। उन्होंने नम आंखों से कहा कि अगर कानून वापस नहीं हुए तो मै आत्महत्या कर लूंगा आंदोलन किसी हाल में वापस नहीं होगा। उन्होंने गिरफ्तारी की बात कहते हुए कहा कि किसान आंदोलन जारी रहेगा। मौके पर भारी संख्या में पुलिस बल तैनात है।

प्रदर्शनकारियों ने लालकिले की प्राचीर से फेंका था तिरंगा , एक पुलिस अधिकार ने ऐसे पकड़ा

जारी रहेगा आंदोलन- टिकैत
माना जा रहा है कि धरना स्थल आज या रात में ही खाली कराया जा सकता है। 26 जनवरी को हमने शांतिपूर्ण तरीके से ट्रैक्टर परेड निकाली थी। जो लोग हिंसक हुए हैं उनसे हमारा कोई लेना-देना नहीं था। हमारा आंदोलन पूर्व की भांति चलता रहेगा। शांतिपूर्ण तरीके से पिछले 2 माह से भी ज्यादा समय से हम लोग आंदोलनरत हैं। उसी तरीके से आंदोलन कैसी कानूनों की वापसी होने तक जारी रहेगा। 

किसान आंदोलन: राहुल- प्रियंका का मोदी सरकार पर वार, कहा- भारत को कमजोर कर रहे PM

यूपी गेट पर भीड़ बढ़ी
गाजियाबाद प्रशासन द्वारा यूपी गेट पर प्रदर्शन स्थल को खाली करने की अंतिम चेतावनी दिए जाने के बावजूद भारतीय किसान यूनियन (बीकेयू) के सैकड़ों सदस्य शुक्रवार को दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेस वे पर डटे रहे। यहां एकत्रित लोगों की संख्या रातभर में बढ़ गई। यहां राकेश टिकैत की अगुवाई में बीकेयू के सदस्य 28 नवंबर से ही प्रदर्शन कर रहे हैं। बीकेयू के आह्वान पर आंदोलन में शामिल होने के लिए पश्चिमी उत्तर प्रदेश के मेरठ, बागपत, बिजनौर, मुजफ्फरनगर, मुरादाबाद और बुलंदशहर जिलों से बड़ी संख्या में किसान शुक्रवार तड़के यूपी गेट पहुंचे, जबकि रात में यहां सुरक्षाबलों की संख्या को कम किया गया।

किसानों के समर्थन में मायावती बोलीं- दंगे की आड़ में निर्दोष किसान नेताओं को न बनाएं बलि का बकरा

टिकरी और सिंघु बॉर्डर पर पुलिस बल की तैनात
गाजीपुर में यूपी गेट पर आमना-सामने होने की स्थिति बन रही थी। गुरुवार शाम को प्रदर्शन स्थल पर बार-बार बत्ती गुल हुई थी। वहीं, दिल्ली की टिकरी और सिंघु सीमाओं पर भी शुक्रवार को भारी पुलिस बल की तैनाती रही। इन सीमाओं पर दिल्ली पुलिस के र्किमयों के साथ अर्द्धसैन्य बलों को को भी तैनात किया गया है। यहां कई मार्ग बंद हैं और यातायात पुलिस द्वारा लोगों को अन्य मार्गों से आनेजाने को कहा गया है।

अयोध्या की मस्जिद को लेकर ओवैसी के विवादित बयान, कहा- नमाज पढ़ना 'हराम', न दें चंदा

दिल्ली यातायात पुलिस ने ट्वीट कर दी जानकारी
दिल्ली यातायात पुलिस ने ट्वीट कर बताया, 'गाजीपुर सीमा बंद है। सिंघु, औचंडी, मंगेश, साबोली, पीयू, मनियारी सीमाएं भी बंद हैं।' गाजियाबाद जिला मजिस्ट्रेट अजय शंकर पांडे और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक कलानिधि नैथानी आधी रात को प्रदर्शनस्थल पहुंचे और वहां हालात का जायजा लिया। यहां पर गुरुवार से सैकड़ों सुरक्षाकर्मी तैनात हैं। आधिकारिक निर्देशों के बाद पीएसी और आएएफ के जवानों समेत कई सुरक्षाकर्मी आधी रात को प्रदर्शन स्थल से चले गए थे।

सामने आया लाल किले पर धार्मिक झण्डा फहराने का आरोपी, किया जांच में सहयोग का वादा

अतिरिक्त बल को हटाया गया 
रात को एक बजे टिकैत के समर्थक प्रदर्शन स्थल दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेस वे पर उमड़े। इस स्थान को दोनों ओर से बंद किया गया है और यहां सामान्य यातायात बाधित हो गया है। यूपी गेट पर करीब 500 प्रदर्शनकारी जमे हुए हैं और पश्चिमी उत्तर प्रदेश से रात में यहां और किसान आए। गाजियाबाद के एक पुलिस अधिकारी ने बताया, 'प्रदर्शन स्थल से अतिरिक्त सुरक्षा बल को हटा लिया गया है और वहां पर बहुत कम संख्या में जवान तैनात हैं।' उन्होंने कहा, 'गुरुवार शाम से यूपी गेट पर अतिरिक्त सुरक्षा बलों की तैनाती के कारण तनाव बढ़ रहा था।'

अपना प्रोपेगेंड़ा फैलाने के लिए Pak ने लिया किसान आंदोलन का सहारा, बोला- हम किसानों के साथ

प्रदर्शनकारी नेताओं ने कहा ये
अधिकारी के मुताबिक बीकेयू से जुड़े कुछ प्रदर्शनकारियों को बृहस्पतिवार को दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 133 के तहत नोटिस दिए गए हैं। 'जय जवान, जय किसान' के नारों के बीच कई प्रदर्शनकारियों ने तिरंगे लहराए, वहीं अन्य प्रदर्शनकारियों ने किसान एकता मंच जैसे किसान संघों के झंडे भी लहराए। एक प्रदर्शनकारी, 78 वर्षीय जगत सिंह राठी ने कहा, 'जरूरत पड़ी तो खड़े रहके धरना देंगे, तुम धरने पर बैठने की बात करते हो।' उन्होंने कहा, '(यूपी गेट) खाली नहीं करेंगे। हमने प्रदर्शन स्थल खाली करने जैसा कोई आदेश नहीं देखा है। जब उच्चतम न्यायालय ने कह दिया कि किसानों को प्रदर्शन करने का अधिकार है तो फिर क्या? हम (प्रदर्शन) करेंगे।'

राकेश टिकैत के निकले आंसू
मुजफ्फरनगर के किसान अंकित सहरावत ने बताया कि वह 40-50 लोगों के साथ शुक्रवार सुबह यूपी गेट पहुंचे। उन्होंने संवाददाताओं से कहा, 'पश्चिमी उत्तर प्रदेश से और किसान यहां पहुंचेंगे। दिल्ली में गणतंत्र दिवस पर जो कुछ भी हुआ, सभी ने उसकी निंदा की है। लेकिन उनके कारण चौधरी साहब (राकेश टिकैत) के आंसू निकल आए। उनके आंसू निकले हैं, वो सहन नहीं होगा।' गाजियाबाद प्रशासन ने गुरुवार को बीकेयू से मौखिक अनुरोध किया था और मध्य रात्रि तक यूपी गेट खाली करने को कहा था। 

यहां पढ़ें अन्य बड़ी खबरें...

comments

.
.
.
.
.