Thursday, Apr 09, 2020
Himachal growth rate will be 5 6 percent in the current financial year

चालू वित्त वर्ष हिमाचल की वृद्धि दर 5.6 प्रतिशत रहेगी- आर्थिक समीक्षा

  • Updated on 3/5/2020

नई दिल्ली/ टीम डिजिटल। हिमाचल प्रदेश (Himachal Pradesh) की आर्थिक वृद्धि दर (Economic growth rate) 2019-20 यानी चालू वित्त वर्ष में 5.6 प्रतिशत रहने का अनुमान है। राज्य विधानसभा में बृहस्पतिवार को पेश आर्थिक समीक्षा में यह अनुमान लगाया गया है। इससे पिछले वित्त वर्ष में राज्य की आर्थिक वृद्धि दर 7.1 प्रतिशत रही थी।

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राज्य का 2020-21 का बजट शुक्रवार को पेश किया जाएगा
मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर (Jairam Thakur) द्वारा पेश समीक्षा के अनुसार 2019-20 में राज्य में प्रति व्यक्ति आय 12,147 रुपये से बढ़कर 1,95,255 रुपये पर पहुंच गई। राज्य का 2020-21 का बजट शुक्रवार को पेश किया जाएगा। राज्य में प्रति व्यक्ति आय में करीब 6.6 प्रतिशत की वृद्धि का अनुमान है। समीक्षा में अनुमान लगाया गया है कि चालू वित्त वर्ष में राज्य की आॢथक वृद्धि दर 5.6 प्रतिशत रहेगी, जो इसका चार साल का निचला स्तर है। वित्त वर्ष 2018-19 में यह 7.1 प्रतिशत, 2017-18 में 6.8 प्रतिशत और 2016-17 में 7 प्रतिशत रही थी।

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जीएसडीपी 2019-20 में 1,65,472 करोड़ रुपये रहने का अनुमान
समीक्षा के अनुसार राज्य का सकल घरेलू उत्पाद (जीएसडीपी) 2019-20 में 1,65,472 करोड़ रुपये रहने का अनुमान है। चालू कीमतों पर 2018-19 में जीएसडीपी 1,53,845 करोड़ रुपये रहा था। इससे पहले 2017-18 में यह 1,36,542 करोड़ रुपये और 2016-17 में 1,25,122 करोड़ रुपये रहा था।  राज्य में लोगों की आजीविका का मुख्य पेशा कृषि है। 2011 की जनगणना के अनुसार हिमाचल प्रदेश एकमात्र ऐसा राज्य है जिसकी 89.96 प्रतिशत आबादी ग्रामीण इलाकों में रहती है। राज्य के 69 प्रतिशत कामगारों को कृषि और बागवानी में सीधा रोजगार मिला हुआ है।

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जीएसडीपी में कृषि और संबद्ध क्षेत्रों का हिस्सा 12.73 प्रतिशत
समीक्षा में कहा गया है कि राज्य के कुल जीएसडीपी में कृषि और संबद्ध क्षेत्रों का हिस्सा 12.73 प्रतिशत है। समीक्षा कहती है कि राज्य की कुल राजस्व प्राप्तियां 2019-20 में 33,747 करोड़ रुपये रहने का अनुमान है। 2018-19 में यह 31,189 करोड़ रुपये रही थीं। इस तरह राजस्व प्राप्तियों में 8.20 प्रतिशत की वृद्धि का अनुमान है। चालू वित्त वर्ष में राज्य के खुद के कर बढ़कर 15.69 प्रतिशत यानी 7,921 करोड़ रुपये रहने का अनुमान है, जो 2018-19 में 6,847 करोड़ रुपये और 2017-18 में 7,108 करोड़ रुपये रहे थे।

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मुद्रास्फीति की दर 2019-20 में 1.5 प्रतिशत
समीक्षा में कहा गया है कि मुद्रास्फीति की दर 2018-19 के 4.7 प्रतिशत से घटकर 2019-20 में 1.5 प्रतिशत रह गई। इसमें कहा गया है कि राज्य के सकल मूल्य वर्धन (जीवीए) में कृषि और संबद्ध क्षेत्रों की हिस्सेदारी 2019-20 में घटकर 12.73 प्रतिशत रहने का अनुमान है, जो इससे पिछले वित्त वर्ष में 15.35 प्रतिशत थी। समीक्षा के अनुसार, खाद्यान्न उत्पादन की दृष्टि से 2018-19 एक औसत वर्ष रहा। इस दौरान खाद्यान्न उत्पादन 16.92 लाख टन रहा, जो इससे पिछले वित्त वर्ष में 15.81 लाख टन था।

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