Thursday, Feb 09, 2023
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हिमाचल प्रदेश चुनाव: पालमपुर सीट पर कांग्रेस और BJP ने उतारे नए चेहरे

  • Updated on 10/29/2017

Navodayatimesनई दिल्ली/टीम डिजिटल। हिमाचल प्रदेश की पालमपुर विधानसभा सीट से सत्तारूढ़ कांग्रेस और विपक्षी भारतीय जनता पार्टी ने नए चेहरों पर दांव लगाया है। वहीं, पूर्व विधायक भी निर्दलीय के तौर पर मैदान में हैं।

लिहाजा नौ नवम्बर को होने वाले चुनाव में मुकाबला दिलचस्प होने के आसार हैं। जहां कांग्रेस ने इस सीट से विधायक तथा विधानसभा के निवर्तमान अध्यक्ष बिृज बिहारी लाल बुटैल के बेटे आशीष बुटैल को टिकट दिया है, वहीं भाजपा ने पार्टी की महिला मोर्चा की प्रमुख इंदू गोस्वामी पर भरोसा जताया है। दोनों ही प्रत्याशी पहली बार विधानसभा चुनाव में अपनी किस्मत अकामा रहे हैं।

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वहीं भाजपा के पूर्व विधायक प्रवीण शर्मा पार्टी से टिकट नहीं मिलने पर बागी हो गए तथा निर्दलीय के तौर पर चुनावी समर में ताल ठोंक रहे हैं और दोनों प्रत्याशियों को चुनौती दे रहे हैं। शर्मा, इंदू के लिए परेशानियां पैदा कर सकते हैं। इंदू को बाहरी उम्मीदवार के तौर पर देखा जा रहा है क्योंकि वह पड़ोस की बैजनाथ विधानसभा क्षेत्र से हैं जो अनुसूचित जाति के प्रत्याशी के लिए आरक्षित है। शर्मा ने कहा कि पालमपुर के लोगों ने मुझसे चुनाव लडऩे को कहा। भाजपा नेतृत्व ने मुझे बोर्डों और निगमों की अध्यक्षता की पेशकश की लेकिन मैंने इनकार कर दिया क्योंकि मैं एक कमरे में बैठने के बजाय लोगों की सेवा करना चाहता हूं। शर्मा को भाजपा नेता और प्रदेश के दो बार के मुख्यमंत्री रह चुके शांता कुमार का करीबी माना जाता है।

वहीं इंदू ने कहा कि वह पार्टी में महिलाओं को अधिक प्रतिनिधित्व दिलाने के लिए पैरवी करती हैं और उन्होंने ही राष्ट्रीय नेतृत्व से विधानसभा चुनाव में 10 सीटों पर महिलाओं को टिकट देने का आग्रह किया था। उन्होंने कहा कि मुझे खुशी है कि पार्टी ने छह सीटों पर महिलाओं को टिकट दिया। मैं तीन दशक से पार्टी की सर्मिपत कार्यकर्ता हूं और अब भाजपा प्रत्याशी के तौर पर पालमपुर में बहुत जरूरी विकास करके अपनी अहमियत साबित करूंगी। 

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इंदू को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की करीबी समझा जाता है। जब मोदी पार्टी के हिमाचल प्रदेश प्रभारी थे तो इंदू ने उनके साथ काम किया था। मोदी उनके समर्थन में पालमपुर में एक रैली को संबोधित कर सकते हैं। वहीं बिृज बिहारी 11 बार हुए चुनाव में से पांच पर पालमपुर से विधायक रह चुके हैं और उनके बेटे आशीष पर अपने पिता की राजनीतिक विरासत आगे ले जाने की जिम्मेदारी है।        

आशीष ने कहा कि मेरे पिता बीबीएल बुटैल ने इलाके के लोगों की 50 साल सेवा की है। उनकी साफ सुथरी छवि है। पिछले पांच साल में उन्होंने विकास कार्यों पर करोड़ रुपये खर्च किए हैं। बिृज बिहारी ने 1990 में शांता कुमार को और 2007 में प्रवीण शर्मा को शिकस्त दी थी। हिमाचल प्रदेश में विधानसभा चुनाव नौ नवंबर को होंगे और 18 दिसंबर को मतगणना तथा नतीजों का एलान किया जाएगा।    

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