Saturday, Jul 31, 2021
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हिमंत बिस्वा सरमा बने असम के 15वें मुख्यमंत्री, पद एवं गोपनीयता की ली शपथ

  • Updated on 5/10/2021

नई दिल्ली/ टीम डिजिटल। असम में कई दिनों तक चले राजनीतिक हलचल के बाद रविवार को गुवाहाटी में बीजेपी विधायकों की बैठक में हेमंत बिस्वा सरमा के नाम पर मुहर लग गई और आज श्रीमंत शंकरदेव कलाक्षेत्र में नए मंत्रिमंडल का शपथ ग्रहण में हेमंत बिस्वा सरमा ने मंत्रिमंडल के साथ मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। भाजपा नेता और पूर्वोत्तर प्रजातांत्रिक गठबंधन के संयोजक हेमंत बिस्वा सरमा ने असम के 15वें मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लिया है। राज्यपाल जगदीश मुखी ने उन्हें पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई।

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सरमा के साथ 14 और विधायकों ने ली शपथ
सरमा ने पारंपरिक पट रेशम की धोती और कुर्ता धारण किया हुआ था तथा अपने गले में मुगा गमोसा डाला हुआ था। उन्होंने असमी भाषा में पद एवं गोपनीयता की शपथ ली। कोविड-19 के सख्त प्रोटोकॉल के बीच उनके साथ 14 और विधायकों ने शपथ ली। असम की 126 सदस्यीय विधानसभा में सत्तारूढ़ गठबंधन को 75 सीटें मिली हैं। भाजपा को 60 सीटें मिली हैं जबकि उसके गठबंधन साझेदार असम गण परिषद (एजीपी) व यूनाइटेड पीपल्स पार्टी लिबरल (यूपीपीएल) को क्रमश: नौ और छह सीटें मिली हैं।

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हेमंत बिस्व शर्मा की अहम भूमिका
हेमंत बिस्व शर्मा नॉर्थ-ईस्ट डेमोक्रेटिक अलायंस के संयोजक रहे हैं। 2016 में पूर्वोत्तर में भाजपा की पहली सरकार बनवाने में हेमंत बिस्व शर्मा की अहम भूमिका थी, लेकिन ये चुनाव भाजपा ने सर्बानंद सोनोवाल को मुख्यमंत्री चेहरा घोषित करके लड़ा था।

इस बार मुख्यमंत्री सोनोवाल थे जरूर, मगर चुनाव प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के चेहरे पर लड़ा गया। चुनाव की रणनीति बनाने में हेमंत बिस्व शर्मा की भूमिका इस बार भी अहम रही। जिसके आधार पर पार्टी की एक लॉबी हिमंत बिस्व सरमा को मुख्यमंत्री बनाए जाने की पैरोकारी कर रही थी, लेकिन भाजपा के शीर्ष नेताओं में इस मुद्दे पर एक राय नहीं थी।

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सोनोवाल और शर्मा के नाम पर पार्टी में थी अलग-अलग राय
सीएम का नाम तय होने से पहले कोई पार्टी काडर को आगे बढ़ाने का पक्ष रख रहा था, तो कोई भविष्य की सियासत के मद्देनजर दूसरे दलों में से आए उन नेताओं पर भी भरोसा जताने की दलील दे रहा था जिन्होंने कम से कम 5 साल भाजपा में रहकर पार्टी की रीति नीति को समझ लिया है और अपनी निष्ठा साबित कर दी है।

इस मामले के समाधान के लिए शनिवार को पार्टी नेताओं ने सोनोवाल और सरमा को साथ बैठाकर बात की। बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा के आवास पर करीब 4 घंटे तक चली बैठक में सोनोवाल और सरमा के साथ केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और संगठन महामंत्री बीएल संतोष भी मौजूद थे। करीब 4:00 बजे बैठक खत्म हुई। आज विधायक दल की बैठक में सरमा को असम का नया सीएम बनाने पर सभी ने मुहर लगा दी। 

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