Friday, Apr 19, 2019

ऐतिहासिक इमारतों का होगा जीर्णोद्धार! राम यंत्र का भी होगा संरक्षण

  • Updated on 3/25/2019

नई दिल्ली/अनामिका सिंह। भारतीय पुरातत्व विभाग (ASI) इन दिनों राजधानी की सभी ऐतिहासिक इमारतों के जीर्णोद्धार में लगा हुआ है। इसी श्रृंखला में अब दिल्ली के दिल यानि कनॉट प्लेस में स्थित जंतर-मंतर के संरक्षण का काम भी जल्द ही ASI के मिनी सर्किल द्वारा शुरू किया जाने वाला है।

मालूम हो कि इसे जयपुर के महाराजा जयसिंह ने साल 1724 ई. में बनवाया था। करीब आधा दर्जन से अधिक बने इन यंत्रों में से जल्द ही राम यंत्र को ठीक करने का काम शुरू किया जाएगा। इसके साथ ही जंतर-मंतर में पश्चिमी पाथवे की भी मरम्मत की जाएगी। इससे पहले भी कई बार ASI, NDMC व नेहरू तारामंडल के बीच बैठकों का आयोजन हो चुका है, जिसमें इस वैधशाला को शुरू करने पर चर्चा हुई लेकिन मामला आगे नहीं बढ़ पाया।

यंत्र-उपकरण मंत्र के फार्मेूले से बनाई गई जंतर-मंतर की वैधशाला कई दशकों से बंद पड़ी है। कहा जाता है कि इसका निर्माण इस तरीके से किया गया है कि पृथ्वी किसी भी अक्षांश पर हो या फिर अपनी गति और दिशा बदल दे लेकिन इस वैधशाला में ग्रहों की सटीक गणना होगी।

बता दें कि जंतर-मंतर में राम यंत्र के अलावा सम्राट यंत्र, जयप्रकाश यंत्र, नियति चक्र व मिश्र यंत्र भी स्थापित है। जिनसे खगोलीय गणना की जाती थी। राम यंत्र और जय प्रकाश यंत्र खगोलीय पिंडों की गति के बारे में बताते थे, राम यंत्र का आकार गोल है और जगह-जगह झरोखे या कहें खिड़कियां बनी हुई हैं।

इसका प्रयोग कई दशकों से नहीं किया जा पा रहा है, जिसकी वजह जंतर-मंतर के आस-पास बड़ी-बड़ी इमारतों का बनाया जाना है। वैधशाला में सटीक गणना तभी की जा सकती है जब सूर्य की रोशनी यहां तक पहुंचे। हालांकि अधिकारियों का कहना है कि यदि संरक्षण किया जाए तो इनमें से कुछ यंत्रों को दोबारा प्रारंभ किया जा सकता है।

इसी तरीके की एक ओर वैधशाला जयपुर में भी महाराजा जयसिंह द्वारा बनवाई गई थी, जोकि आज भी प्रयोग में आ रही है। कहा जाता है कि जयसिंह को सही माप व अंतरीक्षीय गणना करने का शौक था, जिसके लिए उन्होंने बड़े और अधिक सही उपकरणों को निर्मित करवाया। जोकि आज भी तकनीकी रूप से काफी आश्चर्यजनक हैं।

कितना करेगा एएसआई खर्च

अधिकारी ने बताया कि जहां राम यंत्र के ऊपर कुल 2423800 रुपए का बजट दिया गया है वहीं 4674500 रुपए पश्चिमी ओर के पाथवे को बनाने के लिए मिला है। इसमें से इस साल राम यंत्र पर खर्च की जाने वाली अनुमानित राशि 588528 है जबकि पश्चिम की ओर बने पाथवे के लिए 732088 है।

Hindi News से जुड़े अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक पर ज्वॉइन करें, ट्विटर पर फॉलो करें।हर पल अपडेट रहने के लिए NT APP डाउनलोड करें। ANDROID लिंक और iOS लिंक।
comments

.
.
.
.
.