Wednesday, May 18, 2022
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अब दाराशिकोह की कब्र खोजेगा एएसआई

  • Updated on 2/1/2020

नई दिल्ली/टीम डिजिटल। इतिहास (History) के पन्नों में कई राज दफन हैं, जिनमें कुछ मौखिक तो कुछ लिखित है जिन्हें बाद में शब्दों की शक्ल दी गई। अब इन्हीं शब्दों की परतों को खोलने का कार्य भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) करने जा रहा है, जिसमें उन्हें हुमायूं मकबरे के भीतर दाराशिकोह (Dara Shukoh) की कब्र को खोजने का उत्तरदायित्व दिया गया है। बता दें कि इससे पहले भी दाराशिकोह की कब्र को खोजने की कई बार असफल कोशिश की जा चुकी है। ऐसे में अब यह देखना 
रोचक होगा कि एएसआई की 7 सदस्यीय कमेटी दाराशिकोह की कब्र को खोज पाएगी या नहीं।
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क्या कहता है इतिहास
लिखित इतिहास के अनुसार दाराशिकोह की कब्र हुमायूं मकबरे के भीतर है। एएसआई के सामने सबसे बड़ी परेशानी यहां दाराशिकोह की कब्र को खोजने की है क्योंकि अधिकतर कब्रों पर नाम नहीं लिखे हुए हैं। हुमायूं मकबरे के पूरे परिसर में करीब 140 कब्रें हैं, जिनमें कुछ कब्रों पर नाम है तो ज्यादातर कब्र बेनाम हैं, जिसके चलते पिछली बार एएसआई के
अधिकारियों को असफलता हाथ लगी थी।
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7 सदस्यीय टीम गठित
अब संस्कृति व पर्यटन मंत्रालय के आदेश पर एएसआई द्वारा 7 सदस्यीय टीम गठित की गई है जोकि 3 महीने के भीतर दाराशिकोह की कब्र को ढूंढकर अपनी रिपोर्ट पेश करेगी। इसके साथ ही अब्दुल रहीम-ए-खानेखाना के मकबरे के संरक्षण के कार्य को इस कमेटी के अंतर्गत किया जाएगा। मालूम हो कि दाराशिकोह शाहजहां (Shah jahan) व मुमताज (Mumtaz) के बड़े बेटे व औरंगजेब के बड़े भाई थे, जिन्हें साल 1633 में युवराज बनाया गया था। कई भाषाओं के विद्वान दाराशिकोह को मारकर 1659 में औरंगजेब गद्दी पर बैठा था। 
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क्या कहतें हैं मंत्री प्रह्लाद सिंह पटेल
 शुक्रवार को केेंद्रीय संस्कृति व पर्यटन मंत्री पह्लाद सिंह पटेल (Pahlad singh Patel) भी हुमायूं मकबरे में पहुंचे जहां एक कब्र को दाराशिकोह की बताया जा रहा है। हालांकि अभी तक एएसआई के अधिकारी इसे लेकर पूर्ण संतुष्ट नहीं है। इस बाबत पूछे जाने पर मंत्री ने कहा कि एएसआई के अधिकारियों को दाराशिकोह की कब्र खोजने के लिए कहा गया है, बकायदा कमेटी बनाई गई है, जिसके लिए कोई निश्चित समय हमने तय नहीं किया है क्योंकि इसे ढूंढने में उस समय की वास्तुकला से लेकर लिखित इतिहास व अन्य जानकारियों को ध्यान में रखना होगा। 

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