Wednesday, Apr 08, 2020
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Holi 2020: जानें होलिका दहन का शुभ मुहूर्त, विधि और पूजा सामग्री

  • Updated on 3/9/2020

नई दिल्ली/ टीम डिजिटल। इस साल होली (Holi 2020) 10 मार्च को मनाया जाएगा वहीं होलीका दहन 9 मार्च को होगा। होलिका दहन होली से पूर्व रात्रि को किया जाता है। इसके लिए होलाष्टक के प्रारंभ से ही चौक चौराहों पर होलीका बनानी शुरु हो जाती है। माना जाता है कि होलिका दहन से आस-पास के वातावरण में नई एंव सकारात्मक उर्जा का संचार होता है। लोगों के कष्टों का नाश होता है। होलिका दहन को लेकर कई नियम और कई विधि बताया जाता है। इस साल की होलिका दहन मुहूर्त, विधि और किस तरह से होलिका दहन किया जाए इसकी जानकारी होना जरुरी है और साथ ही इसकी तैयारी भी जरूरी है।

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होलिका दहन की तैयारी 
होलिका दहन से पहले या होलाष्टक के दिन से किसी जगह पर पिड़ की टहनियां, गोबर के उप्पलें, सुखी लकड़ियां, घास-फूस आदि इक्टठा किया जाता है। ऐसे करते हुए होलिका दहन के दिन तक उस जगह पर लकड़ी और उप्पलों का ढ़ेर लग जाता है। जिसके बाद होलिका पूजन सामग्री तैयार करना होता है। जिसमें एक लोटा जल, चावल, गन्ध, पुष्प, माला, रोली, कच्चा सूत, गुड़, साबुत हल्दी, मूंग, बताशे, गुलाल, नारियल, गेंहू की बालियां आदि शामिल होता है।

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पूजा मुहूर्त
बता दें कि फाल्गुन पूर्णिमा ति​थि का प्रारंभ 09 मार्च दिन सोमवार सुबह 03:03 बजे हो रहा है और इसका समापन उसी रात 11:17 बजे होगा। होलिका दहन के लिए मुहूर्त शाम के समय 06:26 बजे से रात 08:52 बजे तक है। इस मुहूर्त में होलिका दहन करना शुभ होगा। इस समय ध्यान रखने वाली बात है कि होलिका दहन भद्रा के समय नहीं रखना चाहिए। इसके अलावा सुर्यास्त से पहले कभी होलका दहन नहीं करना चाहिए।

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पूजा विधि
होलिका दहन से पहले पूजा के दौरान होलिका का पास पूर्व या उत्तर दिशा में मुख करके बैठें और गणेश और गौरी की पूजा करें। मंत्र उच्चारण के बाद बड़गुल्ले की चार मालाएं ले, ज्समें एक पितरों के नाम की, एक हनुमान जी के नाम की, एक शितला माता के लिए और एक अपने परिवार को होलिका समर्पित करें।


होलिका दहन के लिए होलिका पूजा के बाद जल से अर्ध करें फिर मुहूर्त अनुसार होलिका में अग्नि प्रज्वलित कर दें। इस दौरान इस आग में गेहूं की बालिया सेक लेंफिर उनको खा लें माना जाता है कि इससे लोग निरोग रहते हैं। 

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