Saturday, Jul 11, 2020

Live Updates: Unlock 2- Day 11

Last Updated: Sat Jul 11 2020 10:13 AM

corona virus

Total Cases

821,870

Recovered

516,240

Deaths

22,144

  • INDIA7,843,243
  • MAHARASTRA238,461
  • TAMIL NADU114,978
  • NEW DELHI109,140
  • GUJARAT40,155
  • UTTAR PRADESH33,700
  • TELANGANA25,733
  • ANDHRA PRADESH25,422
  • KARNATAKA25,317
  • RAJASTHAN23,814
  • WEST BENGAL22,987
  • HARYANA19,736
  • MADHYA PRADESH15,284
  • BIHAR14,330
  • ASSAM11,737
  • ODISHA10,624
  • JAMMU & KASHMIR8,675
  • PUNJAB6,491
  • KERALA5,623
  • CHHATTISGARH3,305
  • UTTARAKHAND3,161
  • JHARKHAND2,854
  • GOA1,813
  • TRIPURA1,580
  • MANIPUR1,390
  • HIMACHAL PRADESH1,077
  • PUDUCHERRY1,011
  • LADAKH1,005
  • NAGALAND625
  • CHANDIGARH490
  • DADRA AND NAGAR HAVELI373
  • ARUNACHAL PRADESH270
  • DAMAN AND DIU207
  • MIZORAM197
  • ANDAMAN AND NICOBAR ISLANDS141
  • SIKKIM125
  • MEGHALAYA88
Central Helpline Number for CoronaVirus:+91-11-23978046 | Helpline Email Id: ncov2019 @gov.in, ncov219 @gmail.com
hong kong democracy bill in america donald trump china

Hong kong के विरोध प्रदर्शनों को अमेरिका का समर्थन, चीन के खिलाफ किया यह बिल पेश

  • Updated on 10/16/2019

नई दिल्ली/ टीम डिजिटल। पिछले कई सालों से हॉन्ग कॉन्ग (Hong kong) में लोकतंत्र के समर्थन में चल रहे आदोंलनों के बीच अमेरिकी सरकार (America government) ने एक ऐसा बिल पास किया है, जिससे हॉन्ग कॉन्ग के क्रान्तिकारियों को बल मिलेगा तो वहीं यह चीन की सरकार के लिए नया सिरदर्द बनकर सामने आएगा। 

ग्लोबल हंगर इंडेक्स में भारत की स्थिति हुई खराब, दक्षिण एशियाई देशों में पहुंचा सबसे नीचे

अमेरिका संसद ने किया बिल पास
बता दें कि अमेरिका में हाउस ऑफ रिप्रेजेंटिव (house of Representative) ने एक "हॉन्ग कॉन्ग ह्यूमन राइट्स एंड डेमोक्रेसी एक्ट" नाम का बिल पेश किया है जिसके तहत अमेरिका हॉन्ग कॉन्ग में सालाना लोकतंत्र की स्वायत्ता की जांच करेगा और उसी के आधार पर वह विशेष कारोबारी दर्जे का भविष्य भी तय करेगा। ताकि हॉन्ग कॉन्ग में लोकतंत्र को बचाया जा सके। 
FATF: पाकिस्तान के भविष्य का होगा फैसला, जानें और किन मुद्दों पर होगी चर्चा

चीन ने दी थी धमकी
गौरतलब है कि चीन हॉन्ग कॉन्ग में किसी भी तरफ के विदेशी दखल को अपनी वन चायना पॉलिसी (One china policy) के खिलाफ मानता है जिस पर समय- समय पर कड़ा विरोध भी जताता रहा है। हाल में चीन के राष्ट्रपति ने अपनी नेपाल यात्रा के दौरान कहा था कि जो वन चायना पॉलिसी को नहीं मानेगा और चीन को तोड़ने की कोशिश करेगा उसकी हड्डी-पसली तोड़ दी जाएगी।  

FATF की बैठक में PAK को झटका, नहीं मिला किसी देश का साथ

लम्बे समय से अमरिकी चीन हैं आमने - सामने
बता दें कि जब से अमेरिका में राष्ट्र्पति ट्रप (Donald trump) की सरकार आयी है, तब से अमेरिका का रुख चीन के लिए काफी सख्त हो गया है। राष्ट्र्पति ट्रंप ने चीन और अमेरिका के बीच हो रहे व्यापार घाटे का मुद्दा बार-बार उठाते हुए, चीन पर अमेरिका की बौध्दिक संपदा को चोरी करने का आरोप भी लगाया था। जिस कारण अमेरिका ने चीन पर कई सारी आर्थिक पाबंदियां भी लगायी है। बदले में चीन ने अमेरिका पर व्यापारिक प्रतिबंध लगाते हुए इसे अपने आर्थिक विकास के खिलाफ साजिश कहा था ।  

Hindi News से जुड़े अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक पर ज्वॉइन करें, ट्विटर पर फॉलो करें।हर पल अपडेट रहने के लिए NT APP डाउनलोड करें। ANDROID लिंक और iOS लिंक।
comments

.
.
.
.
.