Sunday, Nov 28, 2021
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ibbi president sahu said need to make fair assessment working of insolvency law rkdsnt

दिवाला कानून के कामकाज का निष्पक्ष आकलन करने की जरूरत - IBBI अध्यक्ष साहू

  • Updated on 9/2/2021

नई दिल्ली/ टीम डिजिटल। आईबीबीआई के अध्यक्ष एम एस साहू ने बृहस्पतिवार को दिवाला कानून के कामकाज का आकलन करने के लिए एक व्यापक और निष्पक्ष संरचना के निर्माण पर जोर दिया ताकि इसे लेकर तत्काल सुधार किया जा सके। उनकी टिप्पणी 2016 में लागू की गयी दिवाला और शोधन अक्षमता संहिता (आईबीसी) के व्यापक प्रभाव को लेकर व्यक्त किए जा रहे अलग-अलग तरह के विचारों की पृष्ठभूमि में आयी है। 

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भारतीय दिवाला और शोधन अक्षमता बोर्ड (आईबीबीआई) आईबीसी को लागू करने वाला प्रमुख संस्थान है जो संकटग्रस्त आस्तियों के लिए बाजार संबद्ध और समयबद्ध समाधान प्रदान करता है। उन्होंने कहा, 'हमें (आईबीसी के) एक व्यापक और निष्पक्ष आकलन के लिए एक संरचना की जरूरत है ... जो इसके सही दिशा में बढ़ते रहने, प्रदर्शन का आकलन करने और त्वरित सुधार करने में मदद करे।' 

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साहू ने आईबीसी के पांच साल पूरे होने पर उद्योग संगठन सीआईआई द्वारा आयोजित एक सम्मेलन के दौरान अपने संबोधन में ये बातें कहीं। आईबीसी में पांच साल से भी कम समय में छह संशोधन किए गए हैं। 

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