Saturday, Sep 30, 2023
-->
If it is clear, what is the language of conversation in the family, then everything pleasant

परिवार में वार्तालाप की भाषा क्या हो, यह स्पष्ट हो तो सब सुखद रहता है

  • Updated on 9/15/2021

नई दिल्ली / टीम डिजिटल।

 

परिवार में वार्तालाप की भाषा क्या होनी चाहिए, यह स्पष्ट हो तो सब सुखद रहता है। हिंदी दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित अंतरराष्ट्रीय वेबिनार के माध्यम से देश एवं विदेश से विभिन्न क्षेत्रों के विद्वानों ने हिंदी के प्रति अपना सम्मान और स्नेह प्रकट किया और विश्वास व्यक्त किया कि हिंदी का डंका विदेशों में भी बजेगा। 

हिंदी के बढ़ते प्रभाव पर भी चर्चा हुई

कार्यक्रम में अमेरिका, लंदन, सऊदी अरब, फिजी, सूरीनाम, मॉरिशस जैसे देशों में हिंदी के बढ़ते प्रभाव पर भी चर्चा हुई। कार्यक्रम संचालिका अरूणा घवाना ने कहा कि विभिन्न देशों में हिन्दी का अलग-अलग स्वरूप उसकी व्यापकता का ही द्योतक है। फिजी, सूरीनाम, मारीशस जैसे देशों में चौथी पीढ़ी भी हिंदी बोलती है।

हिंदी दिवस के उपलक्ष्य में देश-विदेश के विद्वानों ने रखे ऑनलाइन विचार
वेबिनार में वक्ता वैज्ञानिक तथा तकनीकी शब्दावली आयोग के असिस्टेंट डायरेक्टर डा धर्मेंद्र कुमार ने शब्दावली के मानकीकरण पर अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि हम जब भी कोई लेख या रचना लिखें तो इस बात का ध्यान रखें कि विषय विशेष की शब्दावली का ही इस्तेमाल करें। उन्होंने बताया कि बच्चों को दो भाषाओं के बीच त्रिशंकु बनाने से बेहतर है कि अभिभावक स्वयं अपने मस्तिष्क में स्पष्ट करें कि उन्हें बच्चों से बात करनी है या वातालज़प। परिवार में वार्तालाप की भाषा क्या होनी चाहिए, यह स्पष्ट हो तो सुखद रहता है। 

रक्षा मंत्रालय के 27 ऑफिस को नए भवनों में ट्रांसफर किया जाएगा, पीएम मोदी करेंगे उद्घाटन
मुख्य अतिथि इंडो स्कैंडिक संस्थान, स्वीडन के उपाध्यक्ष सुरेश पांडेय ने हिन्दी की महत्ता बताते हुए काव्य पाठ किया और कहा कि भाषा अपने साथ संस्कृति को भी लेकर चलती है। हिन्दी भाषा अपने आप में एक समृद्ध भाषा है।
यूके से शैल अग्रवाल और लखनऊ से पूर्णिमा वर्मन ने भाग लिया। शैल अग्रवाल ने कहा कि जब हम इस लेखन को व्यापकता देते हैं तो संभवत: भाषा को उन्नत और समृद्ध करने में मदद करते हैं। उनके अलावा दिल्ली यूनिवर्सिटी के एसोसिएट प्रोफेसर डा.बिजेंद्र कुमार, यूएसए से सीता और यूएई से विदिशा और मंजू कुमार ने भाग लिया।


 

comments

.
.
.
.
.