Wednesday, Oct 16, 2019
if the matter comes out it will go away what did it say that without the modi government santosh

बात निकली है तो दूर तलक जाएगी... यह क्या कह गए मोदी सरकार के काबिना मंत्री संतोष गंगवार

  • Updated on 9/15/2019

नई दिल्ली/कुमार आलोक भास्कर। सत्ता का नशा कहिये या जबान फिसलना- मोदी सरकार के मंत्रियों का एक से बढ़कर एक बयान जनता के बीच मजाक बनकर गंभीर सवाल खड़ा कर रहा है। अब ताजा मामला केंद्रीय श्रम एवं रोजगार मंत्री संतोष गंगवार का है जो गिना तो रहे थे मोदी सरकार के 100 दिन की उपलब्धि लेकिन ऐसा बयान दे दिये कि प्रियंका गांधी ने तुरंत कड़ी प्रतिक्रिया देने में देरी भी नहीं की है।


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संतोष गंगवार ने उड़ाया उत्तर भारत के युवाओं का मजाक

केंद्रीय मंत्री संतोष गंगवार ने कहा कि असल में देश में रोजगार की कमी नहीं है बल्कि योग्य युवाओं का बहुत ही अभाव हो गया है। खासकर उत्तर भारत के युवाओं में योग्यता की कमी है। हालांकि मोदी सरकार के काबिल मंत्री के बयान को अगर देखा जाए तो यदि योग्य युवाओं का अभाव है तो उनके ही सरकार के skill deparment से जुड़ा मंत्रालय क्या कर रही है। कहीं न कहीं यह मोदी सरकार के पिछले 6 साल की रोजगार को लेकर नाकामी को ही उजागर करती है। वो भी एक संवैधानिक पद पर बैठा हुआ जिम्मेदार मंत्री ने अपने ही सरकार की पोल खोल दी है।

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प्रियंका गांधी ने साधा मोदी सरकार पर निशाना
केंद्रीय मंत्री संतोष गंगवार के रोजगार को लेकर दिये बयान पर तुरंत ही प्रियंका गांधी ने पलटवार किया है। तो वहीं बसपा सुप्रीमो मायावती ने भी संतोष गंगवार पर निशाना साधा है। केंद्रीय मंत्री ने बड़े दावे और विश्वास के साथ जिस तरह से अपने मंत्रालय के अधिकारियों की रपट के आधार पर यह कहा- पता नहीं इसमें कितनी सच्चाई है। लेकिन कहीं न कहीं देश में घटते रोजगार और आर्थिक मंधी पर मोदी सरकार बुरी तरह घिर गई है। इससे इनकार नहीं किया जा सकता है। जिस पर कमजोर विपक्ष अब पूरी तरह हौसले के साथ उठ खड़ी हुई है। तो इसमें पीएम मोदी के ही काबिना मंत्रियों के हाल के दिनों में दिये बयान ही जिम्मेदार है। 


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गैरजिम्मेदार मंत्रियों ने ही लुटिया डुबोया था मनमोहन सरकार का  

संतोष गंगवार ने जिस तरह गैरजिम्मेदाराना बयान दिया है उससे लगता है कि वे भूल गए कि UPA-2 के समय रहे मनमोहन सरकार के मंत्रियों के बड़बोलेपन वाले बयान से जनता परेशान हो उठी थी। जिसका खामियाजा कांग्रेस को 2014 के लोकसभा चुनाव में चुकाना पड़ा और 10 साल के शासन का अंत हुआ था। उस समय मणिशंकर अय्यर, दिग्विजय सिंह, प्रकाश जायसवाल जैसे नेताओं ने जनता के भावना के साथ खिलवाड़ किया था। यह संतोष गंगवार को भी याद रखना चाहिये।

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बीते लोकसभा चुनाव में उत्तर भारतीय ने मोदी पर जताया भरोसा
केंद्रीय मंत्री यह कैसे भूल गए कि अभी कुछ ही दिन पहले संपन्न हुए लोकसभा चुनाव में बंपर सीट देने वाला यह उत्तर भारतीय ही है, जिसने नरेंद्र मोदी को दुबारा केंद्र की सत्ता की चाबी थमाई। लगता है कि पीएम मोदी को अपनी लोकप्रियता को बरकरार रखने के लिये ऐसे बयानबीर मंत्रियों के उपर नकेल कसा जाना तुरंत अपरिहार्य हो गया है। 

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जब पियूष गोयल और सीतारमण के बयान से पैदा हुआ विवाद
इससे पहले इसी तरह केंद्रीय रेल मंत्री पियूष गोयल  की जुबान फिसली तो फिर सोशल मीडिया पर ट्रोल होने से नहीं बच पायें। उन्होंने कहा कि यदि गुरुत्वाकर्षण की खोज के लिए आइंस्टीन गणित में उलझ कर रह जाते तो गुरुत्वाकर्षण की खोज नहीं कर पाते। हालांकि वे अपने बयान से वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का बचाव कर रहे थे। जिनमें केंद्रीय मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा था कि देश के ऑटो सेक्टर में छाई मंदी का वजह उबर कैब है। जिसके चलते युवा अब नए कार लेने के बजाए उबर के गाड़ी का ज्यादा से ज्यादा उपयोग करते है।

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विपक्ष को मिला मोदी सरकार के खिलाफ एकजुट होने का मौका
यानी मोदी सरकार के 100 दिन के पूरे होने पर देश को उपलब्धि बताने आए श्रीमान मंत्री महोदय से यह छोटी गलतियां नहीं हो रही है बल्कि बात निकली है तो दूर तलक जाएगी, वाली बात यहां चरितार्थ हो रही है। कांग्रेस समेत और पूरी हाशिये पर जा चुकी विपक्षी पार्टी को प्लेट में सजाकर मोदी सरकार के ऐसे मंत्री ही विरोध करने का अवसर प्रदान कर रहे है। जबकि अभी तो देश के मौजूदा खस्ताहाल अर्थव्यवस्था पर बहस शुरु हो चुकी है, उपर से रोजगार की कमी पर भी सवाल उठाये जाएंगे।

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पीएम मोदी और शाह पर टिकी सबकी निगाहें

अब देखना है कि पीएम नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह अपने मंत्रियों का बचाव कैसे करते है या मौन रहकर ही दूर खड़े नजर आएंगे। उसके लिये इंतजार करना पड़ेगा। लेकिन मंदी और बेरोजगारी को लेकर सरकार को तेजी से सजगता दिखानी पड़ेगी। ऐसा नहीं हो सकता पीएम नरेंद्र मोदी सरकार उबर, आइंस्टिन औऱ युवाओं में योग्यता की कमी बताकर अपनी जिम्मदारी से बचना चाहेंगे भी तो बच नहीं पाएंगे। देश के अपार बहुमत से उन्हें बहुत ही उम्मीद से बिठाया है। जिसका सम्मान किया जाना चाहिये।   

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