Wednesday, Dec 08, 2021
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if you have aadhar card and passport then give information in npr

NPR में आधार और पासपोर्ट की भी देनी होगी जानकारी, जानें क्यों!

  • Updated on 1/16/2020

नई दिल्ली/टीम डिजिटल। केंद्र की मोदी सरकार (Modi Government) के कैबिनेट ने राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर (National Population Register) को अपडेट करने और जनगणना के लिए लगभग 13 हजार करोड़ रुपये की मंजूरी दे दी है। जिसके तहत सभी भारतीय नागरिकों के बायोमेट्रिक और वंशावली को डेटा तैयार किया जाएगा। 1 अप्रैल से 30 सितंबर, 2020 के बीच असम के अलावा देश भर में घरों की गिनती के दौरान एनपीआर के लिए डाटा एकत्रित किया जाएगा।

बता दें कि एक अप्रैल से शुरू होने वाली एनपीआर में आधार, पासपोर्ट नंबर, बैंक अकाउंट, वोटर आईडी कार्ड और ड्राइविंग लाइसेंस की जानकारी देना आवश्यक होगा। गृह मंत्रालय के सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक किसी भी व्यक्ति के पास इनमें से किसी भी तरह का कोई प्रूफ या कोई दस्तावेज होगा तो उसको इसकी जानकारी देना अनिवार्य होगा। हालांकि इन दस्तावेजों में पैनकार्ड की जानकारी देने वाला कॉलम विरोध करने के बाद हटा दिया गया है।

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इसकी जानकारी देना होगा अनिवार्य
एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि एनपीआर में अगर किसी व्यक्ति के पास आधार, पासपोर्ट नंबर, बैंक अकाउंट, वोटर आईडी कार्ड या ड्राइविंग लाइसेंस नहीं है तो उन्हें इसकी जानकारी नहीं देनी होगी। लेकिन अगर किसी व्यक्ति के पास कोई प्रूफ होंगे तो उन्हें इसकी जानकारी देनी होगी। हालांकि इसके लिए उन्हें सबूत के तौर पर कोई दस्तावेज दिखाने की जरूरत नहीं होगी। 

असम में नहीं लागू होगा NPR
बता दें कि एनपीआर देश के स्वभाविक निवासियों की सूची है। इस संबंध में आंकड़ों को अद्यतन करने का काम 2015 में घर- घर सर्वे के माध्यम से हुआ था। अद्यतन किये गए आंकड़ों के डिजिटलीकरण का काम पूरा हो गया है। अब यह निर्णय किया गया है कि राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर का काम जनगणना 2021 के साथ असम को छोड़कर सभी राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों में किया जाएगा। 

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'ऐच्छिक' और 'अनिवार्य' का बताया मतलब
एक अधिकारी ने 'ऐच्छिक' और 'अनिवार्य' का कानूनी पहलू बताते हुए लोगों को स्पष्ट किया कि अगर किसी व्यक्ति के पास आधार नंबर, पासपोर्ट, ड्राइविंग लाइसेंस या वोटर कार्ड नहीं है तो वह एनपीआर में जगह खाली छोड़ सकता है। इसलिए यह निश्चित रूप से वैकल्पिक है। वहीं, अनिवार्य का मतलब यह है कि आगर आप NPR में यह सब भरना चाहते हैं तो आपको ये दस्तावेज हासिल करने होंगे।

नहीं देनी होगी PAN की जानकारी
बता दें कि पिछले साल जनगणना के लिए हुए सर्वे में  करीब 80 प्रतिशत लोगों ने आधार की जानकारी दी थी। किसी के पास भी पैनकार्ड की जानकारी नहीं थी। एक अधिकारी ने बताया कि PAN की जानकारी वाले कॉलम को लेकर लोगों को संशय था जिसकी वजह से इसे हटा लिया गया है।

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क्या है NPR?
गौरतलब है कि एनपीआर (NPR) भारत में रहने वाले मूल निवासियों का एक रजिस्टर है, जिसमें उनके मूल पते की जानकारी होती है। ये नागरिकता अधिनियम 1955 के प्रावधानों के तहत स्थानीय, उप-जिला, जिला, राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर तैयार किया जाता है। इसके तहत कोई भी निवासी जो 6 महीने या उससे अधिक समय से स्थानीय क्षेत्र में निवास कर रहा है तब उसे NPR में अनिवार्य रूप से पंजीकरण करना होता है।

देश के हर निवासी की पूरी पहचान और अन्य जानकारियों के आधार पर उनका डेटाबेस तैयार करना इसका मूल उद्देश्य है। इस डाटा में जनसंख्या के आंकड़ों के साथ ही भारत के हर नागरिक की बायोमेट्रिक जानकारी भी दर्ज होगी। आधार कार्ड की तरह ही इस बार एनपीआर में भी आंखों की रैटिना और फिंगर प्रिंट भी लिए जाएंगे।

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