Sunday, Oct 17, 2021
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जलेबी खानी है तो जलेबी स्पेशलिस्ट के पास आएं

  • Updated on 9/13/2021

नई दिल्ली। अनामिका सिंह। आज तक आपने हर्ट स्पेशलिस्ट सुना होगा, लीवर स्पेशलिस्ट सुना होगा, हॉरोस्कोप स्पेशलिस्ट भी सुना लेकिन कभी आपने जलेबी स्पेशलिस्ट सुना है। जो खुद को जलेबी बनाने में महारत मिलने की बात कहते ही नहीं बल्कि बडे-बडे अझरों में लिखकर दुकान पर भी टंगवा रखा है। हम बात कर रहे हैं चांदनी चौक में ओल्ड फेमस जलेबी वाला की, जिसकी स्थापना 1884 में की गई थी। कभी इनकी जलेबियों के मुगल ही नहीं बल्कि अंग्रेज भी दीवाने हुआ करते थे और आज भी सुबह से इनकी दुकान पर जलेबी खाने वालों की भीड लग जाती है।
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लालकिले के ठीक सामने है 136 साल पुरानी दुकान
लालकिले के ठीक सामने है 136 साल पुरानी चांदनी चौक में एक छोटी सी जलेबी की दुकान जिस पर सुबह 10 बजते ही लंबी-लंबी कतार लगनी शुरू हो जाती है। करारी रसभरी जलेबियां केसर युक्त चाशनी में भिगोई हुई देखते ही अपने रस से सराबोर कर देती हैं। दुकान के मालिक वी‐के‐ सिंह चैहान बताते हैं कि लगातार कई पुश्तों से उनके परिवार द्वारा इस जलेबी की दुकान को चलाए जा रहा है। वो अपने परिवार की पांचवीं पीढी हैं जोकि जलेबी बनाने का काम कर रहे हैं।
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मुगल व अंग्रेज भी थे जलेबी के प्रशंसक
उनकी जलेबी पुरानी दिल्ली में ही नहीं बल्कि दूर-दूर तक काफी मशहूर है और लोग उनके द्वारा बनाई शुद्ध देशी घी की जलेबियां खाने आते हैं। जब उनसे पूछा कि जलेबी तो हर जगह मिलती है तो आपकी जलेबी क्यों खास है। तो उन्होंने बताया कि जिस तरह से वो जलेबी के पेस्ट को तैयार करते हैं वहीं इसकी विशेषता है और ये उनके खानदान की सीक्रेट रेसिपी है जिसे वो शेयर नहीं करते। तभी तो अंग्रेजी हुकूमत के बडे अधिकारी भी उनकी जलेबियों के मुरीद हुआ करते थे। अगल-बगल के दुकानदार बताते हैं कि आज भी इस दुकान को ढूंढते हुए कई विदेशी यहां पहुंचते हैं। लालकिले के ठीक सामने बनी इस जलेबी के दीवाने मुगलिया शहजादे, बेगमें और दरबार में काम करने वाले रसूखदार भी हुआ करते थे।
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जलेबी के साथ रबडी का मजा, बढाता है स्वाद
यहां अगर आप सिर्फ 100 ग्राम जलेबी खाते हैं तो वो आपको 50 रूपए की मिलेगी लेकिन यदि जलेबी के साथ रबडी खाना चाहते हैं जोकि इसके जायके को बढा देती है तो आपको 75 रूपए देने पडेंगे। जलेबी का दाम सुनकर आपके होश उड जाएंगे क्योंकि जलेबी 500 रूपए किलो जो है। वहीं रबडी का दाम भी 500 रूपए रखा गया है। इसके अलावा इनका मटर समोसा भी काफी मशहूर है जिसका दाम इन्होंने 25 रूपए रखा है वो भी शुद्ध देशी घी में तैयार किया जाता है। जबकि आलू का समोसा 20 रूपए का है।
 

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