Thursday, Aug 18, 2022
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IGNCA: Such a dream also wakes up... listening to listeners gets immersed

IGNCA : ऐसा भी कोई सपना जागे...सुन श्रोता हुए निमग्न

  • Updated on 4/9/2022

नई दिल्ली/टीम डिजिटल। इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र(आईजीएनसीए) की ओर से आयोजित 3 दिवसीय कार्यक्रन ‘जो भजे हरि को सदा’ के दूसरे दिन पहली संगीत सभा में प्रातःकालीन रागों की अद्भुत प्रस्तुतियां हुईं। इस सभा का मंच पंडित अंबरीश दास और विदुषी पूर्णिमा धूमाले जैसे शानदार गायकों ने संभाला।इनके द्वारा प्रस्तुत किए गए रागों के आरोह-अवरोह में श्रोता भी निमग्न बने रहे।

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आएईजीनसीए में आयोजित हो रहा है 3 दिवसीय कार्यक्रम जो भजे हरि को सदा
सुबह 9 बजे शुरू हुए इस कार्यक्रम में दोनों शास्त्रीय गायकों ने दिन के 12 बजे के पूर्व ही गाये जाने वाले परंपरागत राग प्रस्तुत किए। मंच पर गायक और विभिन्न साज पर उनके साथी संगत कर रहे थे, तो मंच के सामने संगीत-मर्मज्ञ श्रोताओं की भी ग्रहणशीलता देखते ही बन रही थी। एक के बाद एक प्रस्तुतियों में राग कोमल आसावरी और मियां की तोड़ी ने तो जैसे समां ही बांध दिया। कला केंद्र के सदस्य सचिव डॉ. सच्चिदानंद जोशी की ओर से सम्मान के बाद पंडित अंबरीश दास को सुनने के लिए लोग उतावले थे।

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तोड़ी की शांत और गंभीर प्रकृति की प्रस्तुति
राग कोमल रिषभ आसावरी में उनका गाया ऐसा भी कोई सपना जागे उम्मीदें जगा गया। उनके साथ सारंगी पर पंडित भारत भूषण, तबला पर पंडित विनोद लेले, हारमोनियम पर विदुषी पूर्णिमा मुखर्जी, जबकि तानपुरा पर अचल और अजय ने संगत की। इसी तरह जब बिदुषी पूर्णिमा धूमाले ने मियां की तोड़ी में प्रस्तुतियां दीं तो मध्य और तार सप्तक की तरह मंद्र को भी श्रोताओं के अंतर्मन तक ने आत्मसात किया। तोड़ी की शांत और गंभीर प्रकृति की प्रस्तुतियों में पूर्णिमा धूमाले के साथ हारमोनियम पर पंडित श्रीराम हर्षांदेश, तबला पर संजय देशपांडे के साथ तानपुरा पर मानसी देशपांडे और प्रियंका रावत ने संगत की।

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